कोविड-19 के लॉकडाउन में गेहूं की बंपर फसल,12.50 करोड़ रुपए आए किसानों की झोली में

-राज्य में 14 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले ने 8 लाख 70 हजार मीट्रिक टन खरीद की

By: Krishan chauhan

Published: 03 Jun 2020, 08:40 AM IST

धरतीपुत्रों के लिए अच्छी खबर...कोविड-19 के लॉकडाउन में गेहूं की बंपर फसल,12.50 करोड़ रुपए आए किसानों की झोली में

-राज्य में 14 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले ने 8 लाख 70 हजार मीट्रिक टन खरीद की
पत्रिका एक्सक्लूसिव-कृष्ण चौहान

श्रीगंगानगर. कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिला एमएसपी पर गेहूं खरीद में राज्य में टॉप पर है। भारतीय खाद्य निगम ने राज्य में अभी तक 14 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। इसमें यहां पर 8 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष राज्य में 14 लाख 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इनमें श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में 10 लाख 92 हजार मीट्रिक टन 76.6 प्रतिशत गेहूं यहीं पर खरीद की गई थी। इस बार गेहूं की फसल का बंपर उत्पादन हुआ है। गेहूं का उत्पादन, उत्पादकता व गुणवत्ता पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। कोविड-19 की महामारी में लॉकडाउन की वजह से आर्थिक रूप से हर वर्ग टूट गया था। काम-धंधा, रोजगार व उद्योग-धंधा सब बंद हो गए। इन परिस्थितियों के बीच भारतीय खाद्य निगम एफसीआइ ने दोनों जिलों में अभी तक साढ़े आठ लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद एमएसपी पर की है। गेहूं खरीद के बदले 45 हजार किसानों को एफसीआइ ने अभी तक 12 करोड़ 50 लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान कर दिया है। इससे कृषि जिन्सों में गेहूं की हुई ब्रिकी से किसानों की झोली भर गई है।
प्रति हेक्टेयर 44 क्विंटल उत्पादन

कृषि अनुसंधान अधिकारी शस्य मिलिंद सिंह का कहना है कि नहरों में पर्याप्त सिंचाई पानी, समय पर गेहूं की बुवाई व पर्याप्त बारिश और मावठ होने से फसलों की ग्रोथ अच्छी हुई। मौसम भी फसलों के अनुकूल रहा। इस कारण गेहूं की फसल का उत्पादन व उत्पादकता दोंनों ही अच्छी रही है। श्रीगंगानगर जिले में 2 लाख 48 हजार 688 हेक्टेयर बुवाई हुई और जिल के 39 प्रतिशत एरिया में थी। जिले में गेहूं का उत्पादन 10 लाख 94 हजार 200 मीट्रिक टन हुआ है। प्रति हेक्टेयर 44 क्विंटल गेहूं का उत्पादन हुआ है।
चिंतित था किसान--कोविड-19 की महामारी के बीच किसान की आर्थिक स्थिति भी डांवाडोल हो गई। इलाके का धरती पुत्र बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि व टिड्डी प्रकोप को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित था। कोरोना वायरस संक्रमण में कृषि जिन्सों की ब्रिकी उचित मूल्य व समय पर होगी या नहीं? यह डर भी धरतीपुत्र को सता रहा था।

फैक्ट फाइल

इस वर्ष
राज्य में गेहूं की खरीद-14 लाख मीट्रिक टन

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में गेहूं की खरीद-8 लाख 70 हजार मीट्रिक टन
-पिछले वर्ष

राज्य में गेहूं की खरीद-14 लाख 25 हजार मीट्रिक टन
-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में गेहूं की खरीद-10 लाख 92 हजार मीट्रिक टन

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले की स्थिति
-कितने सेंटर पर होनी थी गेहूं की खरीद-92

गेहूं खरीद का लक्ष्य-12 लाख 31 हजार मीट्रिक टन
गेहूं की खरीद हुई-8 लाख 70 हजार 793.65 मीट्रिक टन

गेहूं का उठाव हुआ-8 लाख 7 हजार 06.45 मीट्रिक टन
गेहूं खरीद पर किसानों का भुगतान किया- 12 करोड़ 50 लाख रुपए


लॉकडाउन की वजह से दो महीने तक व्यापार बंद हो गया। लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया। कृषि जिन्सों की ब्रिकी होने और समय पर राशि मिलने से किसान व व्यापारी वर्ग को राहत मिली है।
हनुमान गोयल, जिलाध्यक्ष, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ संयुक्त व्यापार संघ।

नहरों में पूरा सिंचाई पानी चलने की वजह से इस बार जिले में गेहूं का बंपर उत्पादन है। साथ ही गेहूं की फसल गुणवत्ता में भी बेहतर है। मंडी में इस बार रिकॉर्ड खरीद भी हुई है।

लाजपतराय खुराना, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति (अनाज)श्रीगंगानगर।

एफसीआइ व अन्य खरीद एजेंसियों ने आठ लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। राज्य में गेहूं खरीद में टॉप पर है। किसानों को ऑनलाइन 12 करोड़ 50 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
लोकेश ब्रहम भट्ट,डीएम,एफसीआई,श्रीगंगानगर।

Krishan chauhan Reporting
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