गंगनहर में नहरबंदी शुरू: पंजाब से आ रहा पानी इतना दूषित कि कैमिकल्स के साथ सीवर का भी पानी

Canal bandh begins in Ganganhar: contaminated water coming from Punjab- किसान संघर्ष समिति का एक ही मांग, दूषित करने वाले जिम्मेदारों पर लगाओ धारा 307

By: surender ojha

Updated: 06 Apr 2021, 12:07 AM IST

श्रीगंगानगर. गंगनहर में नहरबंदी सोमवार रात से शुरू हो गई। यह नहरबंदी २५ अप्रेल तक जारी रहेगी। इस दौरान जल संसाधन विभाग की ओर से नहर की सफाई और टूटे हुए बैँड को ठीक कराया जाएगा। वहीं पानी को स्टोरेज की प्रक्रिया पूरी की गई है।

पंजाब के इस नहर की बुर्जी संख्या ३१० से ३६८ तक और बुर्जी संख्या ३६८ से ४२३ तक शिवपुर हैड और शिवपुर हैड से कालूवाला तक इस गंदे और दूषित पानी के कारण इतनी हालत खराब है कि इस नहर में खड़े पानी को देखकर ही कई लोगों के चक्कर आने लगे है।

पंजाब से नहरों के माध्यम से आए इस पानी में कैमिकल्स के साथ साथ सीवर का पानी भी आ रहा है। इस पानी के लगातार इस्तेमाल किए जाने से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है। हालांकि इस पानी को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से साफ कर घरों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है लेकिन पानी में घुलनशील पदार्थ को अलग नहीं किया जा सकता।

इधर, किसान संघर्ष समिति ने दूषित करने वाले जिम्मेदार फैक्ट्री मालिकों, चमड़ा धोने वालों आदि कारोबारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 में मामले दर्ज कराने की मांग की है। समिति प्रवक्ता सुभाष सहगल का कहना है कि इस पानी को किसी भी लैब से जांच कराने पर कैमिकल्सयुक्त पदार्थ तो सामने आएंगे ही।

लेकिन पंजाब और राजस्थान सरकारें एक दूसरे को आरोप प्रत्यारोप नहीं लगा रही है।

दोनेां ही प्रदेशों में कांग्रेस की सरकार होने के कारण जल संसाधन विभाग और पीएचईडी अधिकारी चुप्पी साधे हुए है। वहीं जनप्रतिनिधि भी इस मामले को लेकर मूकदर्शक बने हुए है।
इधर, गंगनहर में आ रहे गंदे व केमिकल युक्त जहरीले पानी को रोकने की मांग को लेकर दूषित जल-असुरक्षित कल जन जागरण समिति ने संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष तरसेम गुप्ता एवं समिति सह-सयोंजक रमजान अली चोपदार के नेतृत्व में जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता का घेराव कर ज्ञापन सौंपा।

समिति के सदस्यों ने इस दौरान जलदाय विभाग की डिग्गियों में दूषित जल से मरी मछलियों को भी दिखाया। ज्ञापन में बताया कि गंगनहर में 5 अप्रैल से प्रस्तावित बन्दी शुरू हो गई है। इस बन्दी से पूवज़् नहर में गन्दा, अपशिष्ट जहरीला काला पानी आ रहा है। नहर बंदी के दौरान यही पानी जलदाय विभाग पेयजल के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करेगा। इस जहरीले पानी से क्षेत्र में कैंसर, चमज़् रोग जैसे गम्भीर बीमारियों के फैलने की आंशका है।

समिति सदस्यों ने जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता को दिए ज्ञापन में शहर व ग्रामीण क्षेत्रो में इस पानी को फिल्टर कर साफ पानी की सप्लाई की मांग की गई है।

समिति ने चेतावनी दी है कि जलदाय विभाग द्वारा इस पानी मे प्री क्लोरिनेशन शुरू पेयजल के रूप में आमजन को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जाए अन्यथा आम नागरिक के स्वास्थ्य से खिलवाड़ होने पर समिति आंदोलन करेगी। ज्ञापन देते समय अमित चलाना, अशोक मेठिया,विजय, प्रियंक भाटी,जेपी गौरी, नवीन मदान, मोहन सोनी,हनुमान सिंह,प्यारा मान, मनीराम सेतिया, सुशील नायक आदि मौजूद थे।

surender ojha Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned