छठ पर्व की धूम: श्रीगंगानगर में गूंजे छठ मैया के जयकारे

Chhath festival: Shout of Chhath Maiya echoed in Sriganganagar- कोरोनाकाल के बावजूद तीन पुली पर नहर में डूबकी लगाकर लगाई धोक

By: surender ojha

Published: 20 Nov 2020, 11:00 PM IST

श्रीगंगानगर. पूर्वाचंलवासियों का सबसे बड़ा त्यौहार छठ पर्व की इलाके में धूम रही। कोरोना काल के बावजूद इस पर्व को मनाने का उत्साह कम नहीं हुआ। हालांकि सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाकर पूर्वाचंलवासियों ने कोविड-१९ की पालना भी की। जिला मुख्यालय पर तीन पुली पर जैड माइनर एरिया इस त्यौहार में रंग गया।

शुक्रवार को शाम चार बजे के बाद वहां पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ जो सूर्य अस्त होने तक करीब छह बजे तक चला। इस ढाई घंटे के दौरान लोग नए वस्त्र पहनकर पहुंचे।

महिलाओं ने अपनी परापंगत रंग बिरंगी साडि़यां पहनी। वहीं युवतियां भी लुभावने सूट और लंहगे की ड्रेस में सज धजकर आई। जिला प्रशासन की ओर से व्रतधारियों के लिए इस नहर में करीब दो से तीन फीट ही पानी छोड़ा ताकि नहर के अंदर सूर्य को अघ्र्य देने के लिए किसी को बाधा नहीं आएं।

बांस की सीढि़यों और जालियों से इस नहर के अंदर प्रवेश करने और बाहर निकलने की व्यवस्था की गई। इस नहर किनारे बने घाट पर पूरे परिवार ने पूजा अर्चना की।

नहर के पानी अंदर सूर्य को साक्षी मानकर इस व्रत की अधिक महत्ता है, एेसे में तीन पुली के पास जैड माइनर पर करीब आधा किलोमीटर लंबी दूरी तक महिलाआें के एक साथ पूजन करने से वहां अनूठा नजारा बना हुआ था। जैसे ही सूर्य अस्त होने का समय आया तो व्रतधारियों ने सूर्य को अघ्र्य देकर अपने परिवार और इलाके की सुख समृद्धि की कामना की।

इससे पहले टैम्पों पर पूजन सामग्री के साथ पहुंचे पूर्वाचंलवासियों में उत्साह और उमंग का संगम देखने को मिला। छठ मैया के मंगल गीत गाते हुए इन परिवारों ने अपने श्रद्धा का परिचय भी दिया।

इस नहर के अंदर व्रतधारी महिला और पुरुष स्नान करने के बाद सूर्य को अघ्र्य देने लगे। अघ्र्य देने के बाद दीपक और अगरबत्ती से सूर्य देव की पूजा की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं जिन परिवार के सदस्यों ने व्रत नहीं रखा, उन्होंने इस नहर के किनारे बनाए गए घाट पर पूजन सामग्री रखकर छठ मैया की अराधाना की।

फल और विशेष पकवान छठ मैया का भोग लगाया। इससे पहले जिला प्रशासन की ओर से नहर किनारे छठ उत्सव पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। एेसे में विभिन्न संगठनों ने वहां टैंट लगाकर महिलाओं को ड्रेस बदलने की व्यवस्था की।

इस उत्सव स्थल पर इस बार कोरोना महामारी से बचाव के लिए भी अधिकांश परिवारों ने छठ मैया से मन्नत मांगी। वहीं किसी ने अपनी बेटी, बेटे, पोती, पोते को सरकारी नौकरी के लिए तो किसी ने व्यापार में उन्नति, किसी ने ट्रांसफर्मर तो किसी ने परिवारिक सदस्यों की शादी के लिए छठ मैया से गुहार लगाई।

पूर्वाचंलवासियों इस दीपावली जैसे त्याहौर को देखने के लिए भी कई लोग पहुंचे। वहीं पूर्वाचंलवासियों के युवाओं में मोबाइल से सेल्फी लेकर फोटोग्राफी की। वहीं कईयों ने घर से दूर अपने परिजनों को छठ मैया के पूजन का लाइव मोबाइल से किया। वीडियो कॉलिंग से इस उतसव स्थल का नाजारा भी दिखाया।

छठ मैया के इस विशेष पूजन के दौरान महिलाएं और युवतियां अपने साथ लड्डू गोपाल भी साथ लेकर आई। वहां लड्डू गोपाल को भी साक्षी मानकर पूजन किया। इधर, छठ पूजा सेवा समिति के उमेश चौधरी की अगुवाई में टीम ने लोगों को मास्क और सेनेटाइजर का वितरण कर कोरोना बचाव का संदेश दिया।

वहीं मिथिला सेवा समिति की पदाधिकारियों ने अस्थायी घाट बनाने में सहयेाग किया। इधर, ट्रैफिक पुलिस ने तीन पुली पर आवाजाही के लिए रास्ता बहाल रखने के लिए बंदोबस्त किए।

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