नारियल पानी के नखरे हुए दूर, अनार भी हुआ लाल

Coconut water tantrums, pomegranate also turned red- त्यौहारी सीजन में फलों के दामों में उतार चढ़ाव

By: surender ojha

Published: 11 Oct 2021, 12:04 AM IST

श्रीगंगानगर. त्यौहारी इस सीजन में फलों के दामों में उतार चढ़ाव होने लगा है। नारियल पानी कोरोनाकाल में डेढ़ सौ रुपए प्रति नग बिकने लगा था लेकिन जैसे ही कोरोना का प्रकोप थमा तो इसके दामों के नखरे दूर हो गए है।

यह नारियल पानी अब प्रति नग पचास से साठ रुपए बिक रहा है। वहीं अनार के दामों में एकाएक तेजी आई है। सवा सौ रुपए से लेकर डेढ़ सौ रुपए प्रति किलो रिटेल में बिकने लगा है।

पिछले महीने यह 80 से 100 रुपए प्रति किलोग्राम था। इसी प्रकार सेव अस्सी से डेढ़ सौ रुपए तक बिक रहा है। कीवी में फिर से तेजी आई है। प्रति नग कीवी चालीस से साठ रुपए बिक रही है।

जबकि डेढ़ माह पहले इसके दाम दस रुपए प्रति कीवी आ चुके थे। दुकानदार सुभाष यादव ने बताया कि अंगूर का सीजन जैसे ही ऑफ हुआ है वैसे ही दाम तीन गुना बढ़ गए है।

अंगूर अब 250 से 300 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहा है। लेकिन इस फल की क्वालिटी पहले जैसी नहीं आ रही है। वहीं खरबूजा 60 से 80 रुपए प्रति किलोग्राम, नाख 80 से 100 रुपए, मौसमी 40 से 50 रुपए प्रति किलोग्राम, अनानास 60 से 70 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा है।
जरुरतमंद हो या फिर मध्यम वगीज़्य परिवार इन सभी का सबसे पसंदीदा फल केला है। इस केले के दाम नहीं बढ़ते।

हालांकि कई फुटकर दुकानदार त्यौहार पर व्रतधारकों को देखकर केले के दाम दस रुपए ज्यादा वसूलते है। लेकिन थोक व्यापारियों का कहना है कि केले के दाम काफी समय से नहीं बढे हैं। प्रचुर मात्रा में केले की खपत होती है।

ज्यादातर केला पच्चीस से तीस रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिकता है। इसके दामों में पिछले दो सालों में कोई अंतर नहीं आया है। चाहे कोरोनाकाल हो या फिर ऑफ सीजन।

कई संगठन तो फ्रूट वितरण के नाम पर केला ही खरीदते है। यह सबसे अधिक सस्ता और सरल फल माना जाता है। धामिज़्क स्थलों पर केला अधिक चढ़ाया है। वहीं ज्यादातर ठेले वाले केले की बिक्री करते है। ऐसे में केला रोजगार का माध्यम भी बना हुआ है।

surender ojha Reporting
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