कोडिंग और डाटा विज्ञान से विकसित होगा कौशल

-कक्षा-6 से 12वीं के लिए सीबीएसइ ने शुरु किए दो नए कोर्स

By: Krishan chauhan

Published: 20 Jun 2021, 09:42 AM IST

-कक्षा-6 से 12वीं के लिए सीबीएसइ ने शुरु किए दो नए कोर्स..कोडिंग और डाटा विज्ञान से विकसित होगा कौशल

श्रीगंगानगर.बदलते दौर के साथ-साथ विद्यार्थियों में क्षमताओं और कौशल का विकास करने के उद्देश्य से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने एक बार फिर से अनूठी पहल की है। इसी पहल के तहत बोर्ड सत्र 2021-22 में कक्षा-6 से कक्षा-12 तक के विद्यार्थियों के लिए कोडिंग और डाटा साइंस की पढ़ाई शुरू करने जा रहा है। कोडिंग और डेटा विज्ञान पर नया पाठ्यक्रम माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर विकसित किया गया है। बोर्ड का मानना है कि स्कूली पाठ्यक्रम में इनको शामिल करने से विद्यार्थियों को नई दुनिया के लिए तैयार करने में एक मजबूत भूमिका होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन विषयों की पढ़ाई से तार्किक क्षमता तेज होगी। वही स्कूल संचालक और अभिभावक भी मानते कि बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा के इस युग में कुशल बनाने के लिए इस तरीके के प्रयोग बेहद जरूरी है।

-क्या है कोडिंग और डाटा विषयों का आधार

कोडिंग एक रचनात्मक गतिविधि है, जिसमें किसी भी विषय के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। इसके पीछे का मकसद डिजाइन सोच, विचारों के प्रवाह और इसे सभी विषयों में लागू करके कोडिंग सीखना है। इससे बच्चों में तार्किक तौर पर सोचने की क्षमता बढ़ेगी तथा वे कृत्रिम बुद्धिमत्तता के बारे में जान सकेंगे। उल्लेखनीय है कि नई शिक्षा नीति के तहत कोडिंग और डाटा साइंस का पाठ्यक्रम तार्किकता,चिंतन कंप्युटेशनल कौशल,समस्या समाधान और सृजनात्मकता के आधार पर तैयार किया गया है।

- कौशल विषय के लिए आवेदन शुल्क माफ

इस सत्र में डाटा साइंस विषय की कुल अवधि 12 घंटे की होगी। जिसमें यह 8 वीं में कौशल मॉड्यूल तथा 9 वीं और 10वीं के लिए विषय के रूप में जोड़ा जाएगा। वहीं कोडिंग को भी 12 घंटे के कौशल मॉड्यूल के रूप में लाया जा रहा है। जो केवल 6ठीं- 8वीं तक के लिए लागू होगा। बोर्ड ने नए कौशल विषयों के लिए आवेदन फीस भी माफ कर दी है।

फैक्ट फाइल

कक्षा कौशल विषयों की संख्या
उच्च प्राथमिक स्तर - 9

माध्यमिक स्तर - 15
उच्च माध्यमिक स्तर - 38

.......

बोर्ड की ओर से एनसीइआरटी पैटर्न पर कोडिंग और डाटा विज्ञान में पूरक हैंडबुक तैयार की गई है। इस प्लेटफॉर्म से गणित,भाषा और विज्ञान के साथ-साथ तकनीक के क्षेत्र में कॅरियर बनाने वाले विद्यार्थियों को विशेष फायदा होगा।

-भूपेश शर्मा,समन्वयक,विद्यार्थी परामर्श केंद्र, श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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