हत्या के मामले में अदालत का फैसला, ये फरमान सुन कांप उठा आरोपी

हत्या के मामले में अदालत का फैसला, ये फरमान सुन कांप उठा आरोपी

By: rajesh walia

Published: 24 Jul 2018, 07:50 PM IST

श्रीगंगानगर। पांच साल पहले हुई एक व्यक्ति की हत्या के मामले को लेकर मंगलवार को अदालत ने फैसला दिया है। इस दौरान न्यायाधीश ने मुल्जिम को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये के अर्थिक दण्ड से दण्डित किया है। मामला लालगढ़ जाटान इलाके के गांव भागसर से जुड़ा है।

 

सिर पर धारदार हथियार से किया वार

अपर लोक अभियोजक दिनेश नागपाल ने बताया कि 21 जनवरी 2013 को भागसर लालगढ़ जाटान निवासी पूर्णराम पुत्र धन्नाराम नायक ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बड़ा भाई केवलराम दादी सास की मौत के बाद चक अबोहरिया पंजाब गए थे, जहां बड़ा भाई अपने ***** शंकरलाल के मकान में रहने चला गया। इस बीच वहां पर झगड़ा हो गया। झगड़े में मचा शोर सुनकर जब मौके पर जाकर देखा तो अबोहरिया निवासी भंवरलाल पुत्र पुरखाराम ने उसके भाई केवलराम के सिर में कांपा से वार कर घायल कर दिया, जिससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। घायल को तड़पते देख आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में बीकानेर रैफर कर दिया लेकिन, गहरी चोट लगने से उसने बीकानेर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

 


मुल्जिम को माना हत्या का दोषी

घटना की जांच कर रही पुलिस ने मामले में धारा 302 और जोड़ दी। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सोमवार को दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद एडीजे नंबर दो के पीठासीन अधिकारी पलविन्द्र सिंह ने आरोपी को हत्या का दोषी माना। इस दौरान अदालत ने धारा 302 के तहत मुल्जिम को आजीवन कारावास व दस हजार रुपए के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। अगर मुल्जिम अर्थ दण्ड जमा नहीं कराता है तो उसे छह महीने अतिरिक्त कारावास काटने होगा। गौरतलब है कि करीब पांच साल पहले धारदार हथियार से वार कर केवलराम को घायल कर दिया। इलाज के दौरान घायल की मौत हो गई थी। इसके बाद कोर्ट में मामला विचाराधीन चल रहा था। इस मामले का मंगलवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।

rajesh walia Desk/Reporting
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