सौन्दर्यीकरण में भेदभाव : यहां दम तोड़ गए डिवाइडर और वहां लोहे की ग्रिल पर लाखों रुपए का बजट

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By: surender ojha

Published: 29 Mar 2019, 10:47 PM IST

श्रीगंगानगर। शहर के सौन्दर्यीकरण के नाम पर एक ओर पार्को में बार बार रंग रोगन से पुताई की जा रही है वहीं डिवाइडर को दुरुस्त कराने के नाम पर नगर परिषद ने दोहरे मापदंड बना रखे है। मुख्य मार्गो के डिवाइडरों के जीर्णोद्धार में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण छह महीने में क्षतिग्र्रस्त हो रहे है।

इसका खमियाजा शहर की छवि को भुगतना पड़ रहा है। बाहर से आने वाले लोगों के समक्ष टूटे और दम तोड़ रहे इन डिवाइडरों से नगर परिषद की उदासीनता जगजाहिर होती है। मीरा मार्ग और सुखडिय़ा मार्ग पर सीसी रोड बनने से पूर्व में बने डिवाइडरों का नामोनिशान खत्म हो चुका है।

इन दोनों मार्गो पर सीसी रोड करीब दो से तीन फीट ऊंची बनाई गई है, ऐसे में वहां बने डिवाइडर सडक़ के लेवल मेंदब गए है। दूसरी ओर लक्कडमंडी रोड पर डिवाइडर पर ग्रिल लगाने के बहाने लाखों रुपए का बजट खर्च किया जा रहा है। इस रोड पर तीन साल पहले अतिक्रमण हटाने की मुहिम के दौरान जिला प्रशासन के आदेश पर नालों को शिफ्ट करने के आदेश किए गए थे लेकिन नालों की शिफ्ट करने की बजाय यह बजट डिवाइडर पर ग्रिल लगाने के नाम पर अब खर्च किया जा रहा है।

जब वीआईपी का दौरा तब पुताई बीसीए से लेकर राधाकृष्ण गल्र्स कॉलेज तक गगन पथ पर डिवाइडर जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। यहां तक कि सीवर लाइन बिछाने के बाद डिवाइडर की मरम्मत तो दूर वहां सफाई तक नहीं हुई है। इस रोड पर जब भी कोई वीआईपी का दौरा होता है तब नगर परिषद और यूआईटी आनन फानन में ठेकेदार से पुताई जरूर करवाते है।
मीरा मार्ग व सुखाडिय़ा मार्ग पर यहां डिवाइडर गायब है। चहल चौक से मीरा चौक तक मीरा मार्ग और मीरा चौक से सुखाडिय़ा सर्किल तक सुखाडिय़ा मार्ग तक सीसी रोड का निर्माण लगभग हो चुका है। दोनेां मार्गो पर सीसी रोड करीब दो से तीन फीट ऊंची बनी है, ऐसे में डिवाइडर सडक़ में दब गए है। इससे वाहन चालक जब मन में आता है तब अपने वाहन दूसरी साइड में मनमर्जी से मोड़ देते है।
इस बीच गगन पथ पर अरोड़वंश पब्लिक स्कूल के कॉर्नर से लेकर इंदिरा वाटिका के कॉर्नर तक इस रोड पर डिवाइडर जर्जर हो गया है। डिवाइडर पर लगे कई पेड़ तो इतने झूक चुके है कि कभी भी वाहन चालक पर गिर सकते है। डिवाइडर पर लगी टाइल्स अब उखड़ चुकी है। घटिया निर्माण सामग्री से बने यह डिवाइडर भी अंतिम सांसें गिन रहा है।
सुखाडिय़ा सर्किल से शिव चौक तक बने डिवाइडर पर लगा प्लस्तर खरोंच लगते ही उखडऩे लगता है। नगर परिषद के अभियताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया क्लालिटी से बने इस डिवाइडर पर दो सालों में तीन बार जीणोद्धार भी कराया गया लेकिन अब भी न्यू क्लॉथ मार्केट के सामने यह डिवाइडर टूट गया है।
शहर के ह्रदय स्थल रवीन्द्र पथ का डिवाइडर शहर का सबसे मोटा डिवाइडर है।

इसकी चौड़ाई इतनी अधिक है कि मेट्रो ट्रेन तक चल सकती है। निर्माण कार्य के दौरान संबंधित जेईएन और एईएन जांच नहीं की, नतीजन अब यह डिवाइडर जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। दीपावली पर रंग रोगन किया गया था लेकिन बरसाती पानी से धूल गया है।

surender ojha Reporting
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