हाईकोर्ट का आदेश: दो महीनों में करो श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में खाली पदों पर पदस्थापित

Order of High Court: Do post in two months in vacant posts in Sriganganagar and Hanumangarh district- एलडीसी में चयनित अभ्यार्थियों को मिली राहत, बाड़मेर और जोधपुर जिले में पदस्थापित करने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर हुई थी याचिकाएं.

By: surender ojha

Published: 27 Nov 2020, 07:39 PM IST

श्रीगंगानगर. शिक्षा विभाग में एलडीसी में चयनित अभ्यार्थियों को उनके गृह क्षेत्र श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में पदस्थापन करने की बजाय बाड़मेर और जोधपुर जिले में किए जाने के संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के निदेशक को अगले दो महीने की समय अवधि में अभ्यार्थियों को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में खाली पदों पर पदस्थापित करने के आदेश किया है।

हाईकोर्ट में पदमपुर क्षेत्र गांव 36 एलएनपी निवासी राकेश कुमार, श्रीविजयनगर क्षेत्र गांव 10 जीबी निवासी रवि कुमार बिश्नोई, हनुमानगढ़ क्षेत्र गांव मक्कासर निवासी रविन्द्र कुमार और भादरा क्षेत्र गांव निठराना निवासी धर्मेन्द्र कुमार, अरविंद व अन्य अभ्यार्थियों ने याचिका दायर की थी।

इस पर हाईकोर्ट ने अभ्यार्थियों को मैरिट के आधार पर पद स्थापन किए जाने और माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के निदेशक को दो महीने की समय अवधि में परिवेदनाओं पर स्पीनिंग ऑर्डर जारी कर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के मामले को निस्तारित किए जाने के संबंध में सरकार के दिशा निर्देशो के अनुरुप पदस्थापित किए जाने की कार्रवाई का आदेश भी इस निर्णय मे दिया है।

अधिवक्ता इंद्रजीत यादव ने बताया कि राजस्थान अधीनस्थ एंव मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड जयपुर ने 16 अप्रैल 2018 को विज्ञप्ति जारी कर लिपिक ग्रेड द्वितीय और कनिष्ठ सहायक पदों के लिए गैर अनुसूचित क्षेत्रों के 10108 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें अभ्यार्थियों ने ओबीसी और एससी वर्ग के लिए आवेदन किए थे। लिखित परीक्षा आयोजित कर 7 मार्च 2019 को प्रथम चरण का परिणाम और 25 अक्टूबर 2019 को द्वितीय चरण का परिणाम जारी किया गया।

याचिकाकर्ताओं को पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने 27 जून 2020 को एक आदेश जारी कर संशोधित जिला आवंटन सूची जारी कर गृह जिले श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ को निरस्त करते हुए बाड़मेर और जोधपुर जिले आवंटित कर दिए। वहीं प्रशासनिक सुधार विभाग के परिपत्र के विपरीत 29 सामान्य महिलाओं को भी हनुमानगढ़ जिला में पदस्थापन दे दिया गया जबकि याचिकाओं की मेरिट स्थिति उच्च होने के बाद भी सभी महिला अभ्यार्थियों को एक ही जिलों में पदस्थापन दिए जाने के कारण याचिकाकर्ता अपने गृह जिलों से बाहर हो गए और उच्च मेरिट होने के बाद भी बाड़मेर और जोधपुर जिले आवंटित किए गए।.

surender ojha Reporting
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