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SriGanganagar डोली भूमि गिरत दसकंधर, छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर

locationश्री गंगानगरPublished: Oct 05, 2022 11:44:36 pm

Submitted by:

surender ojha

Doli Bhumi Girat Daskandhar, Chubhit Sindhu Siri Veteran Bhudhar-रामलीला मैदान में विजयादशमी महोत्सव पर उमड़ा जन सैलाब

SriGanganagar डोली भूमि गिरत दसकंधर, छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर
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श्रीगंगानगर। एक बार फिर अहंकारी रावण का अंत हो गया। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण से दशानन के अमृत कुंभ को सूखा दिया। पलभर में ही गर्व से खड़ा रावण जमीन पर आ गिरा। रावण दहन होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। ऐसा लगा मानो पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। लोग बुराई पर अच्छाई की जीत की बधाई देने लगे। नगर परिषद सभापति करुणा चांडक और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक चांडक इस दंपती की ओर से सुखाडि़या सर्किल रामलीला मैदान में बुधवार को विजयादशमी महोत्सव मनाया गया।
कोरोनाकाल के दो साल बाद लोगों को जुनून इतना अधिक था कि सुखाडि़या सर्किल के समीप रामलीला मैदान संकरा दिखाई देने लगा। जन सैलाब उमड़ने पर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त की। इस मैदान में करीब चालीस फीट के रावण, पैंतीस-पैँतीस फीट के कुंभकरण व मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए लोगों में उत्साह और उत्सुकता अधिक दिखी। वहीं लंका दहन और नशे रूपी राक्षस का पुतला भी जलाया गया।
इससे पहले रावण दहन से पहले आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया। दहन होने से पूर्व रावण की चीत्कार वातावरण में गूंज उठी। पटाखों की जोरदार आवाज, रावण के दहकते चेहरे और शोले बरसाती आंखों ने बच्चों को भयभीत कर दिया। रावण के पुतले में जैसे ही राकेट रूपी अग्निबाण लगा, उसमें भरे पटाखों की आवाज तेज हो गई। कुछ ही देर में पुतला जमीन पर आ गिरा । रावण दहन के साथ ही बुराई त्यागने का संकल्प भी लिया गया। वहीं मेघनाद, कुंभकरण के पुतलों के साथ नशाखोरी और लंका दहन किया गया। दशानन और उसके परिवार के पुतलों के दहन की प्रक्रिया महज 23 मिनट में पूरी हो गई। जैसे ही अंत में रावण का पुतला मैदान की भूमि पर धराशायी हुई तो लोगों ने जयश्रीराम के जयघोष के साथ घर की ओर रवानगी ली।
इससे पहले श्रीरामलीला सेवा समिति के कलाकारों ने प्रभु राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान, जामवंत, अंगद , लंकापति रावण, मेघनाद, कुंभकरण आदि स्वरूपों की शोभायात्रा निकाली गई। जैसे ही राम-रावण सेना रामलीला मैदान में घोड़े बग्गी में आई तो तो लोगों की उत्सुसकता बढ़ती गई। प्रभु राम ने बाण मारकर रावण का वध किया। इसके बाद रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतलों को विभीषण ने अग्नि दी।
वहीं, इस कार्यक्रम को लेकर संशय बना हुआ था। नगर परिषद प्रशासन ने आयोजन से करीब चार दिन पहले टैंण्डर की प्रक्रिया अपनाई जिसकी शिकायत होने पर यह टैंडर निरस्त कर दिए गए। ऐसे में आयोजन को लेकर नगर परिषद आयुक्त गुरदीप सिह ने एकबारगी इंकार कर दिया लेकिन चांडक टीम ने यह जिदद कर ली। आखिर यह जिदद रंग लाई। आनन फानन में दशानन परिवार के पुतले तैयार करवाए गए। कार्यक्रम के दौरान एसपी-कलक्टर ने दूरियां बनाई रखी। लेकिन विधायक राजकुमार गौड़, उपखंड अधिकारी मनोज मीणा, पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, आयुक्त गुरदीप सिंह, पंचायत समिति प्रधान सुरेन्द्रपाल सिंह आदि पहुंचे। चांडक का कहना था कि टैडर प्रक्रिया निरस्त होने से आयोजन को निरस्त कर दिया गया लेकिन टीम सदस्यों ने धार्मिक आस्था के इस प्रतीक पर्व के आयोजन कराने की जिद्द पूरी कर ली। चांडक दंपती ने इलाके के विभिन्न समाज और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया।
इधर, दशानन दहन होने के बाद शहर में लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह पर जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बाद भी ब्लॉक एरिया, गौशाला मार्ग, सुखाडि़या मार्ग, सुखाडि़या सर्किल से शिव चौक, गगन पथ आदि मुख्य मार्गो पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पैदल अपने परिवार से सहित आए लोगों को अधिक परेशाानी का सामना करना पड़ा। इधर, ब्लॉक एरिया, गणगौर नगर,नागपाल कॉलोनी, विनोबा बस्ती, इंदिरा कॉलोनी, सुखाडि़या शॉपिंग सैंटर, न्यू क्लॉथ मार्केट आदि में लोग अपने वाहन खड़े कर दशहरा पर्व देखने चले गए। इससे रास्ते जाम हो गए तो आवाजाही थम सी गई।
वहीं, रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतलों के चारों ओर सुरक्षा की दृष्टिगत डबल बेरीकेट्स लगाए गए। लेकिन जैसे ही रावण दहन के समय पुतले में आग लगी तो लोग बैरीकेट्स की एक लाइन को पारकर डी ब्लॉक में घुसने लगे। पुतलों में लगे आतिशबाजी से नुकसान पहुंचने की आंशका पर सीओ सिटी अरविन्द बेरड़ ने खुद मोर्चा संभाला और लोगों को खदेड़ा। इस पुलिस अधिकारी के एक्शन को देखते हुए अन्य पुलिस कार्मिक भी अलर्ट मोड़ पर आ गए और उन्होंने भी लोगों को डंडा लेकर हल्का बल प्रयोग करने का प्रयास किया। हालांकि इस एक्शन के दौरान रावण का पुतला जलकर धराशायी होते ही लोग अपने अपने घरों की ओर जाने लगे।
दोपहर दो बजे के बाद सुखाडि़या सर्किल एरिया में वाहनों की एंट्री बंद हो गई। ऐसे में वहां गुब्बारा, खिलौने बेचने के अलावा जलेबी की खूब बिक्री शुरू हुई। बच्चों से लेकर बुजुर्गो ने इस मेले का खूब आंनद लिया। कोरोनाकाल के बाद इलाके में यह सामूहिक उत्सव पहली बार हुआ तो लोगों ने जमकर वहां खरीददारी की। कई परिवारों में मान्यता है कि जलेबी खुशियों का प्रतीक होती है, ऐसे में यह प्रसाद के रूप में भी खरीदी गई। रेहड़ी और थड़ी पर सामान बेचने वालों के लिए अच्छी ग्राहकी नजर आई।
इलाके में पहली बार अलग अलग स्थानों पर लगातार दो दिन मंगलवार और बुधवार को दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया। अगले साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन दोनेां आयोजन को लेकर राजनीतिक विशेलकों ने अपने अपने समीकरण बनने के दावे किए है। विगत दिवस मंगलवार को सनातन धर्म महावीर दल मंदिर की ओर से एसएसबी रोड पर खुले मैदान में दशहरा पर्व में दशानन और उसके परिवार के पुतलों का दहन किया गया था जबकि बुधवार को रामलीला मैदान में नगर परिषद सभापति की ओर से यह आयोजन किया। इन दोनेां कार्यक्रमों में विधायक गौ़ड़ ने अपनी उपिस्थति दिखाकर कई अटकलों पर विराम पर जरूर लगा दिया। हालांकि एसपी और कलक्टर दोनेां नदारद रहे।
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