दानदाता देंगे मेडिकल कॉलेज निर्माण की टाइम लाइन

दानदाता देंगे मेडिकल कॉलेज निर्माण की टाइम लाइन

pawan uppal | Publish: Mar, 15 2018 07:24:10 AM (IST) Sri Ganganagar, Rajasthan, India

राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के संबंध में दानदाता तीन दिन में प्रशासन को टाइम लाइन सौंपेंगे।

श्रीगंगानगर.

राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में सरकारी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के संबंध में दानदाता तीन दिन में प्रशासन को टाइम लाइन सौंपेंगे। इसी अवधि में प्रशासन की तीन सदस्यीय टीम एमओयू की अवधि बढ़ाए जाने के ड्राफ्ट का परीक्षण कर रूपरेखा तैयार करेंगे।


मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू करवाने के संबंध में यह बैठक महत्वपूर्ण थी और इसमें प्रशासन ने हर उस बाधा को दूर करने का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बारे में दानदाता ने शंका जताई। मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित एमओयू की अवधि तीन साल तक बढ़ाए जाने के बाद राज्य सरकार की ओर से दानदाता को दी गई चीठी पर चर्चा के लिए बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर ज्ञानाराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह दो महत्वपूर्ण निर्णय पारित हुए।

उल्लेखनीय है कि दानदाता के आग्रह पर सरकार ने एमओयू की अवधि 30 जून 2018 से बढ़ाकर 30 जून 2021 किए जाने की घोषणा गत माह 14 फरवरी को कर दी थी, जिसकी चि_ी 7 मार्च को जारी हो गई। बैठक में दानदाता बी.डी. अग्रवाल ने एमओयू का ड्राफ्ट प्रशासन को सौंपा। इसका परीक्षण प्रशासन की तीन सदस्यीय टीम करेगी। इस टीम में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) नख्तदान बारहठ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल और विधि विभाग के नुमाइंदे को शामिल किया गया है।


परीक्षण में क्या रहेगा
एमओयू के ड्राफ्ट का परीक्षण करने वाली टीम इसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं करेगी। सभी नियम एवं शर्तें यथावत रहेगी। ड्राफ्ट का परीक्षण करते समय एमओयू की बढ़ाई गई अवधि का उल्लेख किया जाएगा। टीम इस कार्य को 17 मार्च तक संपन्न करेगी। अतिरिक्त जिला कलक्टर बारहठ ने बताया कि ड्राफ्ट के परीक्षण का काम लंबा-चौड़ा नहीं। सरकार और दानदाता के बीच 2013 में जो एमओयू हुआ था वह यथावत रहेगा।


निर्माण की टाइम लाइन
बैठक में किए गए निर्णय के अनुसार दानदाता 17 मार्च को मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित टाइम लाइन प्रशासन को सौंपेंगे। इसमें वह भवन निर्माण शुरू करने और उसे पूरा करने की जानकारी देंगे। मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण चार चरणों में पूरा होना है। प्रथम चरण में एमबीबीएस के प्रथम वर्ष की कक्षा लगाने लायक भवन का निर्माण किया जाएगा। आगे का काम तीन चरणों में पूरा होगा। मेडिकल कॉलेज के लिए चार सौ बेड के अस्पताल का निर्माण भी राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में होना है। यह काम भी साथ-साथ चलता रहेगा।


बाधाएं आड़े नहीं आएगी
बैठक के दौरान दानदाता ने निर्माण के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान का मुद्दा भी उठाया। इस पर कलक्टर ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि कोई भी बाधा आएगी तो उसे दूर करने की जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी। उन्होंने कहा कि पानी-बिजली के कनेक्शन तुरंत दे दिए जाएंगे। निर्माण कार्य में अगर पेड़ बाधा बनते हैं तो उन्हें भी हटा दिया जाएगा। बैठक में उदयपाल झाझडिय़ा, न्यास सचिव कैलाश शर्मा, मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक क्वात्रा, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता बीएल धनकड़, अधिशासी अभियंता सुमन विनोचा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इस पर भी हुआ विचार
राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में सर्वप्रथम एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण होगा ताकि एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू की जा सके। निर्माण कार्य में किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्माण कार्य की मॉनीटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है। चिकित्सालय परिसर में निर्माण कार्यों के संबंध में किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए सीएमएचओ को नोडल अधिकारी मनोनीत किया गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भवन संबंधी मामूली बदलाव किए हैं।

 

 

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