गंगनहर में अपर्याप्त सिंचाई पानी,अत्यधिक तापामन व कम बारिश की वजह से गन्ना का उत्पादन होगा कम

-10 हजार बीघा में गन्ना की फसल,12 लाख क्ंिटल गन्ना उत्पादन की संभावना

By: Krishan chauhan

Published: 07 Sep 2021, 11:01 AM IST

गंगनहर में अपर्याप्त सिंचाई पानी,अत्यधिक तापामन व कम बारिश की वजह से गन्ना का उत्पादन होगा कम

-10 हजार बीघा में गन्ना की फसल,12 लाख क्ंिटल गन्ना उत्पादन की संभावना

श्रीगंगानगर.गंगनहर में अपर्याप्त सिंचाई पानी,अत्यधिक तापामन व कम बारिश की वजह से इस बार गन्ने की फसल ज्यादा अच्छी नहीं है। शुगर मिल प्रबंधन का कहना है कि प्रथम सर्वे में 10 हजार बीघा में गन्ना की फसल है और गन्ना का उत्पादन 12 लाख क्विंटल होने की संभावना है। जबकि शुगर मिल को गन्ना पिराई के लिए पिछली बार 12 लाख क्विंटल मिला था जबकि इस बाद 10 लाख क्विंटल मिलने की उम्मीद है। श्रीकरणपुर,केसरीसिंहपुर,पदमपुर,गजसिंहपुर सहित श्रीगंगानगर जिले में दस हजार बीघा में गन्ना की फसल है। लेकिन गन्ना का सिंचाई पानी नहीं मिलने से गन्ना बढ़वार नहीं कर पाया है तथा कई जगह गन्ना सूख गया। सबसे ज्यादा नुकसान मोढ़ी गन्ना की फसल को हुआ है। नहरबंदी की वजह से गन्ना की फसल को प्रथम सिंचाई पानी समय पर नहीं मिल पाया।
उल्लेखनीय है कि कमीनपुरा क्षेत्र के चक 23 एफ श्रीकरणपुर में नई शुगर मिल 16 जनवरी 2015 को शुरू हुई थी। पहले शुगर मिल में गन्ना पिराई श्रीगंगानगर में पुरानी शुगर मिल में हुआ करती थी।

मोढ़ी गन्ना को नहीं मिला प्रथम सिंचाई पानी

श्रीकरणपुर व केसरीसिंहपुर क्षेत्र में एच व एफ नहर पर गन्ना की फसल ज्यादा है। नहरबंदी में एक से चार अप्रेल तक पेयजल के तौर पर कम मात्रा में सिंचाई पानी छोड़ा गया था। जबकि जल संसाधन विभाग ने इस चार दिन के पानी को पूरा सप्ताह मानकर एच नहर को एक माह बाद सिंचाई पानी दिया गया। इस कारण मोढ़ी गन्ना की फसल को प्रथम सिंचाई पानी नहीं लग पाया। इलाके में इस बार बारिश भी नहीं हुई और कई किसानों के खेतों में गन्ना की फसल सूख गई।

फाइनल सर्वे में उत्पादन व बुवाई रहेगी कम

शुगर मिल प्रबंधन गन्ने का फाइनल सर्वे नवंबर माह में करता है। जबकि प्रथम सर्वे में दस हजार बीद्या में गन्ना की फसल खड़ी है। गन्ना उत्पादक किसानों का कहना है कि फाइनल सर्वे में अभी इलाके में बारिश नहीं हुई तो फिर गन्ना का उत्पादन 8 से दस लाख क्विंटल ही होगा।जबकि शुगर मिल को गन्ना आठ लाख क्विंटल फाइनल सर्वे के बाद मिलने की संभावना है।

गन्ना का भाव पंजाब की तर्ज पर बढ़ाया जाए
किसान गन्ना उत्पादक प्रबंध समिति अध्यक्ष करतार सिंह ने बताया कि लंबे समय से गन्ने का भाव नहीं पढ़ा है जबकि इस बार पंजाब ने गन्ना के भाव बढ़ाकर 360 रुपए प्रति क्विंटल कर दिए हैं। जबकि यहां की शुगर मिल में गन्ने के भाव 310 रुपए प्रति क्विंटल है। इसलिए शुगर मिल में गन्ना पिराई सत्र शुरू होने से पहले ही यहां पर गन्ने के भाव पंजाब के हिसाब से तय होने चाहिए। इस संबंध में किसानों ने जयपुर से आई शुगर मिल के महाप्रबंधक व अन्य अधिकारियों को अवगत करवाया है। साथ ही किसानों ने क्षेत्रीय विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के माध्यम से भी मांग कि समय रहते गन्ने का भाव बढ़ाया जाए।

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गन्ना की बुवाई का गणित
वर्ष बीघा में

2016-17 16 हजार बीघा
2017-18 8 हजार 833 बीघा

2018-19 10 हजार बीघा
2019-20 10 हजार बीघा

2020-21 10 हजार 500 बीघा
2021-22 10 हजार बीघा

जिले में गन्ने का उत्पादन
वर्ष उत्पादन

2016-17 20 लाख क्विंटल
2017-18 12 लाख क्विंटल

2018-19 20 लाख क्विंटल
2019-20 18 लाख क्विंटल

2020-21 18 लाख क्विंटल
2021-22 12 लाख क्विंटल संभावना

इस बार गन्ना की फसल की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है। मोढी गन्ना को प्रथम सिंचाई पानी नहरबंदी की वजह से मिल नहीं पाया। बारिश हुई नहीं। इस कारण गन्ना कई जगह सूख गया। इस कारण गन्ना का उत्पादन प्रभावित होगा।

सतविंद्रपाल सिंह,किसान,श्रीकरणपुर।

इलाके में इस बार गन्ना 10 हजार बीघा में है।अप्रेल में नहरबंदी,नहरों में शेयर से कम सिंचाई पानी मिलने और अपर्याप्त बारिश की वजह से इस बार गन्ना का उत्पादन कम होगा।12 से 14 लाख क्विंटल गन्ना होने की संभावना है।

सुधीर जावला,कार्यवाहक गन्ना विकास अधिकारी।

Krishan chauhan Reporting
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