पुलिस की जांच को झटका, आठ महिला आरोपियों को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

38 crore rupees scam शिक्षा विभाग में हुए गबन प्रकरण में नया मोड़.

By: surender ojha

Published: 05 Sep 2019, 12:02 AM IST

श्रीगंगानगर. शिक्षा विभाग में हुए 38 करोड़ रुपए के गबन के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया है। अब तक पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच में मुख्य आरोपी पीटीआइ ओमप्रकाश शर्मा की ओर से फर्जी शिक्षकों के नाम पर अपने परिवार और परिचित महिलाओं के बैंक खाते से राशि को खुर्द बुर्द कर दिया गया था लेकिन अदालत में ये दावे विफल हो गए।

पुलिस की जांच ढीली हुई तो कानूनी खामियों का फायदा उठाते हुए आठ महिला आरोपियों को राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर से अग्रिम जमानत मिल गई है। इसमें मुख्य आरोपी पीटीआइ ओमप्रकाश शर्मा की दो सगी भाभियों, एक भतीजी सहित आठ महिला आरोपियों को हाईकोर्ट ने एक एक लाखरुपए के व्यक्तिगत बंध पत्र और पचास पचास हजार रुपए के दो जमानत मुचलके पर अग्रिम जमानत पर रहने के आदेश किए है।
बचाव पक्ष के वकील रमनदीप सिंह खरलिया ने बताया कि मुख्य आरोपी ओमप्रकाश शर्मा की भाभी मिर्जेवाला गांव निवासी इंदिरा देवी पत्नी कैलाशचन्द्र शर्मा, आरोपी की भतीजी मिर्जेवाला गांव निवासी प्रियंका पुत्री मनोज कुमार शर्मा, भाभी सरोज पत्नी मनोज कुमार शर्मा, पंजाब के पटियाला की गुरबक्श कॉलोनी निवासी अमनलता पुत्री शेर सिंह, पटियाला की चन्द्रकातां पत्नी शेर सिंह, पटियाला की गुडिया पुत्री शेर सिंह, सोनी पुत्री शेर सिंह, चंडीगढ़ इंडस्ट्रीयल एरिया निवासी रितीका जिग्यासू पुत्री संजय जिग्यासू की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली गई।
हाईकोर्ट के जस्टिस मनोज गर्ग ने अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकारने के आदेश में इन महिला आरोपियों पर सशर्त भी लगाईहै कि जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक कोई भारत देश छोडकऱ नहीं जाएगा। जांच अधिकारी के समक्ष जांच मं सहयोग देना होगा।

इससे पहले हाईकोर्ट में अग्रिज जमानत अर्जियों पर अभियोजन पक्ष का जवाब था कि पुलिस ने मुख्य आरोपी पीटीआइ की ओर से शिक्षा विभाग के पीएल मद से फर्जी आईडी बनाकर नॉमिनी के माध्यम से अपने रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में राशि अंतरित की थी। इन बैँक खातों में संबंधित खाताधारकों ने राशि निकलवाई भी है।

ये खाताधारक मुख्य आरोपी के रिश्तेदार और परिचत है। जबकि बचाव पक्ष के वकील खरलिया का कहना था कि इस मामले में मुख्य आरोपी, उसके भाई मनोज और भतीजे दुष्यंत से रिकवरी हो चुकी है। जिस राशि से संपति खरीद की गई वह अटैच की जा चुकी है। ऐसे में खाताधारक महिलाओं की भूमिका प्रत्यक्ष रूप से नहीं है।
मुख्य आरोपी ओमप्रकाश शर्मा ने सीबीइओ ऑफिस में शिक्षकों के काल्पनिक नाम की आईडी बनाकर उसमें नॉमिनी अपनी भाभी सरोज, इंदिरा और भतीजी प्रियंका बनाए और उनके तीन बैंक खातों में सात करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा कराई।

इसके उपरांत इन खातों से यह राशि निकलवाकर उसे खुर्द बुर्द किया। मुख्य आरोपी की भाभी सरोज और भतीजी प्रियंका के संयुक्त बैंक खाते में वर्ष 2017 से 2019 तक 2 करोड़ 8 लाख 6 हजार 533 रुपए जमा करवाए थे। वहीं भाभी सरोज के व्यक्तिगत बैंक खाते में 4 करोड़ 28 लाख 82 हजार रुपए, भाभी इंदिरा देवी पत्नी कैलाश शर्मा के बैँक खातें में एक करोड़ 10 लाख 33 रुपए भी जमा किए गए थे।

इन बैंक खातो की डिटेल और बैंक प्रशासन की ओर से खातों को फ्रिज की गई रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई।

surender ojha Reporting
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