पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ का निधन

vikas meel

Publish: Jan, 14 2018 08:22:09 (IST) | Updated: Jan, 14 2018 09:04:24 (IST)

Sri Ganganagar, Rajasthan, India
पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ का निधन

पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ का रविवार को जयपुर में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को श्रीगंगानगर में सुबह करीब ग्यारह बजे किया जाएगा।

श्रीगंगानगर.

पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह राठौड़ का रविवार को जयपुर में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को श्रीगंगानगर में सुबह करीब ग्यारह बजे किया जाएगा। उनके आकस्मिक निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों में मायूसी छा गई। जवाहरनगर सेक्टर दो स्थित घर पर उनके घर पर करीबियों का जमावड़ा हो गया। करीब 67 वर्षीय राठौड़ वर्ष 2003 में श्रीगंगानगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर विधायक चुने गए थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। बेटियों की शादी हो चुकी है जबकि बेटा मुंबई में फिल्म निर्माण क्षेत्र में कार्यरत है।

 

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

राठौड़ ने राजकीय महाविद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष से राजनीतिक जीवन का सफर शुरू किया। इसके बाद वह गांव 13 जी से सरपंच चुने गए। इसी दौरान वे तत्कालीन विधायक और पूर्व गृह मंत्री प्रोफेसर केदारनाथ शर्मा के संपर्क में आए। इसके बाद श्रीगंगानगर पंचायत समिति के प्रधान चुने गए। पूर्व गृहमंत्री शर्मा के निधन के बाद राठौड़ उनके उत्तराधिकारी के रूप में जनता के मुद्दे उठाने लगे। यही वजह रही कि वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में जनता दल से प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा, इस चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया। इस चुनाव में राठौड़ दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 1998 में राठौड़ ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और हार गए। वर्ष 2003 में भाजपा में शामिल होने से पहली बार उनका विधायक बनने का सपना पूरा हुआ।

 

विवादों से रहा नाता

विधायक बनने के बाद राठौड़ विवादों में ऐसे उलझे कि जनता और समर्थकों से दूर हो गए। रही सही कसर नगर परिषद के पूर्व सभापति महेश पेड़ीवाल को जान से मारने के मामले में नाम सामने आने के बाद पूरी हो गई। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ तल्ख बयानबाजी को लेकर भी वे काफी चर्चा में रहे।

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