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विवादित प्रश्नों के लिए कमेटी गठित नहीं किए जाने पर जताई नाराजगी

Expressed displeasure over not forming a committee for controversial questions- तृतीय श्रेणी पंजाबी विषय अध्यापक भर्ती के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई का दौर.

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विवादित प्रश्नों के लिए कमेटी गठित नहीं किए जाने पर जताई नाराजगी

विवादित प्रश्नों के लिए कमेटी गठित नहीं किए जाने पर जताई नाराजगी

श्रीगंगानगर. तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा 2012 पंजाबी विषय में राजस्थान हाईकोर्ट ने तीन साल बाद बीतने के बावजूद विवादित प्रश्नों के लिए कमेटी गठित कर संशोधित परिणाम जारी नहीं करने पर नाराजगी जाहिर की है।

कोर्ट में दायर अवमानना याचिका में श्रीगंगानगर जिला परिषद के सीईओ व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए।

अतिरिक्त महाअधिवकता के माध्यम से सीईओ ने पंजाबी विषय के विवादित प्रश्नों के लि जांच कमेटी बनाने और सामान्य ज्ञान के विवादित प्रश्नों के लिए कमेटी जल्द गठित करने का जवाब पेश किया तो हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

कोर्ट का कहना था कि हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में जांच कमेटी गठित करने के आदेश जारी किए थे लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद अभी तक विवादित प्रश्नों की संपूर्ण जांच नहीं होना हैरानगी है। इस जांच कमेटी नहीं होने के कारण नुकसान उन अभ्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा जो भर्ती में मैरिट के अनुसार चयन का अधिकार रखते है।

अधिवक्ता इंद्रजीत यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता हमीर सिंह सिद्धू ने उच्च न्यायालय को बताया कि इस भर्ती परीक्षा के प्रथम चरण की लिखित परीक्षा उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में निरस्त किए जाने के बाद पंचायतीराज विभाग की ओर से वर्ष 2018 में पंजाबी विषय की पुन: परीक्षा आयोजित की गई थी.

लेकिन इसमें भी कुछ विवादित प्रश्नों की जांच के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गई लेकिन विभाग ने इन आपत्तियों को दरकिनार करते हुए परीक्षा परिणाम जारी कर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी।

सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने कमेटी रिपोर्ट के संबंध में अतिरिक्त महाधिवक्ता का कहना था कि पंजाबी विषय के प्रश्नों की जांच कमेटी द्वारा करवा ली गई है जिसमे विवादित प्रश्नों को स्वीकर कर लिया गया है। लेकिन सामान्य ज्ञान के प्रश्नों की जांच के लिए कमेटी बनाया जाना अभी शेष है, इस पर हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से नाराजगी जाहिर की।