पंजाब में किसान आंदोलन: यहां की मंडियों से यूरिया जा रही पंजाब क्षेत्र में

-जिला प्रशासन व कृषि विभाग हुआ सक्रिय, यूरिया की पंजाब क्षेत्र में सप्लाई की रखी जा रही है निगरानी
-कलक्टर ने मीटिंग लेकर अधिकारी व उर्वकर विक्रेताओं को किया पाबंद

By: Krishan chauhan

Published: 21 Nov 2020, 10:58 AM IST

पंजाब में किसान आंदोलन: यहां की मंडियों से यूरिया जा रही पंजाब क्षेत्र में

-जिला प्रशासन व कृषि विभाग हुआ सक्रिय, यूरिया की पंजाब क्षेत्र में सप्लाई की रखी जा रही है निगरानी
-कलक्टर ने मीटिंग लेकर अधिकारी व उर्वकर विक्रेताओं को किया पाबंद

श्रीगंगानगर.पंजाब में किसान आंदोलन की वजह से यूरिया की आपूर्ति नहीं हुई। इस कारण पंजाब क्षेत्र का किसान राजस्थान की मंडियों से यूरिया लेकर जा रहा है। वहां पर रेल गाडिय़ां बंद हंै। इस कारण यूरिया का कोई रैक आया नहीं। इस कारण पिछले एक सप्ताह से राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की विभिन्न मंडियों से यूरिया की अवैध रूप से खरीद कर पंजाब के गांवों में किसान लेकर जा रहे हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले समय में श्रीगंगानगर जिले में यूरिया की किल्लत आ सकती है। इसको लेकर कृषि विभाग और जिला प्रशासन अभी से सक्रिय हो चुका है। पंजाब में यूरिया की सप्लाई रोकने के लिए प्रशासन ने सीमा पर नाकों पर वाहनों की चैकिंग करवाई जा रही है। साथ ही कृषि विभाग के अधिकारी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों का स्टॉक व मौका पर यूरिया की स्थिति की जांच कर रहे हैं।
साढ़े तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल

श्रीगंगानगर जिले में रबी सीजन में सामान्यत 6.50 से 7 लाख हेक्टेयर में मुख्यत: सरसों, गेहूं, जौ, चना की फसलों की बुवाई होती है। इस वर्ष रबी सीजन में अब तक 3 लाख 53 हजार 741 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी फसलों की बुवाई हुई है। रबी सीजन में एक लाख तीस हजार मैट्रिक टन यूरिया की मांग है। जबकि एक लाख बीस हजार मैट्रिक टन यूरिया का आवंटन रबी सीजन के लिए हुआ है। जबकि इस वर्ष अब तक 42 हजार मैट्रिक टन यूरिया की जिले में सप्लाई हुई है।

यह अधिकारी रहे मीटिंग में शामिल
जिला कलक्टर महावीर प्रसाद वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले में यूरिया उर्वरक के सीमावर्ती राज्यों में अवैध विक्रय पर अकुंश लगाने के लिए बैठक हुई। इस मीटिंग में कलक्टर के अलावा उपनिदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद डॉ.जीआर मटोरिया, सहायक निदेशक डॉ.रमेशचन्द्र बराला, कृषि अधिकारी प्रदीप शर्मा, जिले के पेस्टीसाइडस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा सहित जिले के विभिन्न मंडियों के आदान विक्रेता संगठनों के पदाधिकारी, किसान संगठनों से पृथीपाल सिंह संधु, संतबीर सिंह व बलदेवसिंह शामिल हुए।

उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक की होगी जांच
कृषि विभाग के निरीक्षक व अन्य फील्ड स्टॅाफ नियमित रूप से उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर पॉस मशीन व स्टॉक का मिलान किया जाए। जिले का यूरिया बाहर नहीं जाए और इस कार्य में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गंगानगर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक व उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियों को ग्राम सेवा सहकारी समिति व क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को पाबंद करने व निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।

एक किसान दस थैले ले सकता है यूरिया
स्थानीय कृषकों के एक आधार कार्ड पर कृषक को अधिकतम 10 थैले यूरिया ही देने के निर्देश दिए हैं। जिले से बाहर व पड़ोसी राज्य के कृषकों के आधार कार्ड पर यूरिया विक्रय नहीं करने के लिए पाबंद किया गया है।

क्या है प्रावधान
एक राज्य से उर्वरक का दूसरे राज्य में अनाधिकृत लाना-ले जाना और उर्वरक मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर 1973 का स्पष्ट उल्लंघन है। यूरिया उर्वरक के अवैध विक्रय को रोकने के लिए जिला कलक्टर ने सीमा पर राज्य के नाकों पर परिवहन साधनों की जांच करवाई जाएगी। अगर कोई व्यापारी इस प्रकार बाहर के राज्यों के कृषकों को यूरिया का अवैध विक्रय करते पाया जाता है या किसी साधन से अवैध मूवमेंट होता है, तो उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी आदान विक्रेता द्वारा अवैध रूप से यूरिया का विक्रय किया जाना पाया जाता है,तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985, उर्वरक मूवमेंट निंयत्रण आदेश 1973 व आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत सख्त कार्यवाही कर पुलिस में एफआइआर, जब्ती व उर्वरक लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

Krishan chauhan Reporting
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