‘दिल्ली की बॉर्डर से किसान डटे, हक मिलेगा तब ही वापस लौटेंगे’

तीन कृषि काूननों को रद्द करने व एमएसपी का कानून बनाने की मांग को लेकर चल रहा 20 दिन से किसान आंदोलन

By: Krishan chauhan

Published: 16 Dec 2020, 08:49 AM IST

तीन कृषि काूननों को रद्द करने व एमएसपी का कानून बनाने की मांग को लेकर चल रहा 20 दिन से किसान आंदोलन....

‘दिल्ली की बॉर्डर से किसान डटे, हक मिलेगा तब ही वापस लौटेंगे’

-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले के किसान अब शाहजहांपुर में लगाया जमा

श्रीगंगानगर. उत्तरी भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। जबकि तीन कृषि कानूनों को रद्द करने और कृषि जिन्सों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का गारंटी कानून बनाने की मांग की जा रही है। इसको लेकर मंगलवार को 20 दिन से देश भर का धरतीपुत्र दिल्ली की टिकरी बॉर्डर सहित अन्य बॉर्डर पर जमा हुआ है। इस कड़ाके की सर्दी में किसान अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ अड़ा हुआ है। किसान आंदोलन में दिन प्रतिदिन किसानों की संख्या बढ़ रही है। विभिन्न किसान संगठन एकजुटता के साथ आंदोलन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आंदोलन को लीड पंजाब-हरियाणा का किसान कर रहा है जबकि श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित अन्य राज्यों का किसान भी बड़ी संख्या में साथ दे रहा है। इन किसानों का हौसला, जज्बा, जोश व उत्साह देखते ही बनता है। श्रीगंगानगर जिले के हर गांव से अब किसान एक-एक ट्रॉली व अन्य वाहन लेकर किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए रवाना हो रहा है। करणी नहर संघर्ष समिति व जीकेएस की एक बस व छह गाडिय़ों के साथ श्रीविजयनगर से रवाना हुए। इनमें प्रेम खखा, राजा हेयर, गुरप्रीत पड्डा, राजू सैनी, रविंद्र भऊ व हरपाल सिंह आदि शामिल हुए।
शाहजहांपुर में किसानों ने लगाया डेरा

अलवर के शाहजहांपुर में राजस्थान के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित राज्य के अन्य जिलों का किसान एकत्रित हो रहा है। रविवार रात से एनएच-48 पर यातायात ठप कर किसान सडक़ पर जमा हुआ है। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली, गाड़ी, बस व ट्रकों को लगाकर जमा कर दिया है तथा वहीं पर लंगर की व्यवस्था कर ली गई है। जीकेएस के कानून सलहाकार हरविंद्र सिंह गिल ने बताया कि श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले का किसान टिकरी बॉर्डर पर इतने दिन से जमा हुआ था लेकिन अब वहां पहले ही बहुत किसान जमा हुआ है। इसलिए शाहजहांपुर के लिए किसान जत्था पहुंच कर सडक़ मार्ग को जाम कर रहे हैं। जीकेएस के रणजीत सिंह राजू, विक्रमजीत सिंह गिल, हरवीर बराड़, सुखविंद्र सिंह, विनोद खीचड़, दल सिंह बराड़, राजू शाह व रूपनगर गांव के किसान भी शामिल हुए।
कानून किसान विरोधी, नहीं हटेगा किसान पीछे

टिकरी बॉर्डर पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसान आंदोलन में शामिल है। किसान आर्मी के मनिंद्र सिंह मान अपनी टीम के साथ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। जबकि रायसिंहनगर से महिला नेत्री रामदेवी बावरी व मोहकमवाला सरपंच राजकुमार के नेतृत्व में दो जत्था किसानों के आंदोलन में शामिल है। बावरी ने कहा कि तीन कृषि कानून किसान, मजदूर व व्यापारी हित में नहीं है। भाजपा की सरकार किसान की बात नहीं सुनकर इन कानूनों को वापस नहीं ले रही है। जबकि किसान जब तक तीनों कानून वापस नहीं होंगे, तब तक दिल्ली की बॉर्डर पर ही जमा रहेगा।
मिर्जेवाला गांव से किसान आंदोलन के लिए हुए रवाना

मिर्जेवाला.
दिल्ली की बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के लिए गांव से युवा किसानों का जत्था मंगलवार को रवाना हुआ। गांव के गुरुद्धारे में अरदास कर सरपंच जसवीर सिंह सेखों ने युवा किसानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए। किसान ट्रैक्टर-ट्रोली में राशन साथ लेकर रवाना हुए हैं। सर्दी के मौसम में कंबल, रजाई व लकड़ी आदि साथ लेकर रवाना हुए हैं।

Krishan chauhan Reporting
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