टिकरी बॉर्डर पर श्रीगंगानगर के किसान लगाएं अब लंगर

-तीनों नए कृषि कानूनों का विरोध,दिल्ली की बॉर्डर पर डटे किसान

By: Krishan chauhan

Published: 16 Jan 2021, 05:53 PM IST

टिकरी बॉर्डर पर श्रीगंगानगर के किसान लगाएं अब लंगर
-तीनों नए कृषि कानूनों का विरोध,दिल्ली की बॉर्डर पर डटे किसान
श्रीगंगानगर.कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के किसान,मजदूर व व्यापारी मिलकर दिल्ली की टिकरी बॉर्डर पर किसानों के लिए लंगर की सेवा करेंगे। इसका निर्णय किसान,विभिन्न गुरुद्वारों के सेवादार व व्यापारियों ने संयुक्त रूप से शनिवार को एक प्रेसवार्ता में कहीं। किसान आर्मी के मनिंद्र मान,सेवादार गुरुबच्चनसिंह वासन,व्यापारी नेता धर्मवीर डुडेजा सहित अन्य प्रतिनिधि व गुरुद्वारों ने कहा कि 26 जनवरी को सबसे बड़ा किसान आंदोलन दिल्ली में होगा। इसमें यहां से बड़ी संख्या में किसान जाएगा। मान ने कहा कि श्रीगंगानगर से किसान आंदोलन में लंगर की व्यवस्था की जाएगी। इस लंगर सेवा के लिए हर व्यक्ति अपना सहयोग कर सकता है। इसमें किसान आटा,दाल व अन्य खाद्य सामग्री लंगर के लिए दान कर सकता है। इसके लिए खालसा कॉलेज में राशन एकत्रित करने के लिए एक प्वाइंट बनाया गया है।
सर्दी में डटा अन्न्नदाता
सर्दी,गर्मी,बारिश,आंधी व तूफान की बिना परवाह किए देश के लिए अन्न का उत्पादन करने वाला अन्नदाता 53 दिन से दिल्ली की बॉर्डर पर ठिठुर रहा है। वह घर-परिवार,खेतीबाड़ी-पशु सब कुछ छोडकऱ भावी पीढ़ी व खुद ही जोत को बचाने के लिए संघर्ष में डटा है। इस ठिठुरती सर्दी में बुजुर्ग किसान घर से बाहर ही नहीं निकल सकता है लेकिन वो इस संघर्ष का हिस्सा बने हुए हैं। किसान आंदोलन के समर्थन में देश भर का किसान मु_ी तानकर इंकलाब जिंदाबाद व किसान एकता के जयकारे बुलंद कर रहा है।
उम्मीद थी,किसान को मिलेगा भाव
गांव 4 एमएल के किसान सुभाष मोयल कहते हैं कि उम्मीद थी कि देश में कांग्रेस के बाद भाजपा की सत्ता आई,अब देश का किसान,मजदूर व व्यापारी के अच्छे दिन आएंगे। किसान हित में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट से कुंडली हटेगी। किसानों को बड़े-बड़े सब्जबाग तक दिखाए गए। जबकि कृषि जिन्सों के भाव किसान को अभी भी नहीं मिल रहा है। कृषि जिन्सों की पूरी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं हो रही है। इसलिए देश का किसान अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गांरटी कानून की मांग कर रहा है।
सेवा की जगह किसानों की ले रहा जान
किसान हरिविंद्र सिंह गिल कहते हैं कि खुद को देश का सेवादार बताकर देश से वोट लेने वाले ने किसान आंदोलन में 90 धरतीपुत्रों की जान ले चुका है। लेकिन अभी तक घमंड नहीं टूटा है। तीन कृषि कानूनों को किसान हित में होने की बातें कर रहा है। इस किसान आंदोलन की नींव पंजाब-हरियाणा के किसान ने रखी और अब राजस्थान सहित देश भर का धरतीपुत्र किसान आंदोलन में अहम भूमिका निभा रहा है। शाहजहांपुर बॉर्डर,दिल्ली-जयपुर नेशनल हाइवे पर भी श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिला का किसान ने तंबू लगा रखे हैं।
26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली से परैड करेंगा। इसकी तैयारी गांव-गांव व ढाणी तक किसान कर रहा है। किसान आर्मी के मनिंद्र सिंह मान कहते हैं कि किसान नहीं बचेगा तो ना मंडी बचेगी और ना व्यापारी। इसलिए हक के लिए 26 जनवरी को दिल्ली में शांतिपूर्वक ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। इसकी तैयारी में श्रीगंगानगर का किसान जुटा हुआ है।

Krishan chauhan Reporting
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