किसानों को अनुदान पर मिलेगा सरसों का उन्नत किस्मों का प्रमाणित बीज

कृषि विभाग किसानों को सरसों फसल की कम पानी में पक कर तैयार होने वाली उन्नत किस्मों का बीज उपलब्ध करवा रहा

By: Krishan chauhan

Updated: 06 Oct 2021, 10:50 AM IST


कृषि विभाग किसानों को सरसों फसल की कम पानी में पक कर तैयार होने वाली उन्नत किस्मों का बीज उपलब्ध करवा रहा— किसानों को अनुदान पर मिलेगा सरसों का उन्नत किस्मों का प्रमाणित बीज

श्रीगंगानगर. कृषि विभाग रबी सीजन में नहरों में सिंचाई पानी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किसानों को कम पानी में पक कर तैयार होने वाली सरसों, तारामीरा एवं चना फसलों की बुवाई करने की सलाह दी जा रही है। रबी सीजन में इंदिरा गांधी, भाखड़ा व गंगनहरों में पानी की आवक कम बनी हुई है। इसको लेकर श्रीगंगानगर जिले में घड़साना, श्रीविजयनगर व अनूपगढ़ क्षेत्र में किसान आंदोलन चल रहा है। इसको देखते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन के तहत भारत सरकार की अनुमोदित कार्य योजना के अंतर्गत सरसों का उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम का क्रियावन्यन किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान पर आठ बीघा भूमि में सरसों की बुवाई के लिए नि:शुल्क सरसों का बीज उपलबध करवाया जा रहा है।
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इन किस्मों का मिलेगा किसानों को बीज
कृषि विभाग बीज उत्पादक संस्थाओं जैसे राजस्थान राज्य बीज निगम, तिलम संघ, कृषि विकास सहकारी समिति व हिन्दुस्तान इन्सेक्टिसाइड लिमिटेड आदि से उत्पादित सरसों फसल की अधिक उपज देने वाली 10 वर्ष तक की अवधि की अधिसूचित किस्मों आरएच-0749 व गिरिराज (डीआरएमआरआइज-31) का कुल 909 क्विंटल प्रमाणित बीज श्रीगंगानगर जिले के किसानों को जिले की प्रत्येक पंचायत समिति में मुख्य सहकारी समितियों के माध्यम से शत-प्रतिशत अनुदान पर वितरण किया जा रहा है।

एक किसान को आठ बीघा का मिलेगा बीज

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कृषि विभाग के अनुसार श्रीगंगानगर जिले में पांच कृषि खंड है। इनमें जिले की नौ पंचायत समितियां आती है। इनमें कृषि खंड श्रीगंगानगर, सादुलशहर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ व श्रीकरणपुर खंड के किसानों को सरसों का प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाया जाएगा। एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर (8 बीघा) क्षेत्र के लिए 6 किग्रा. बीज नि:शुल्क दिया जा रहा है।

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कृषि पर्यवेक्षक से करें संपर्क

योजना के तहत कृषक अनुदानित दर पर तिलहनी फसलों के प्रमाणित बीज प्राप्त करने के लिए अपने क्षेत्र में कार्यरत कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क कर उनके क्षेत्र के लिए आवंटित लक्ष्यों की सीमा में पहले आओ पहले पाओ के सिद्धान्त पर निर्धारित प्रपत्र में आदान परमिट प्राप्त कर संबंधित सहकारी संस्थाओं से सिफारिश की गई फसल की किस्म का बीज अनुदानित दर पर प्राप्त कर सकेंगे। किसानों से संबधित अन्य सूचनाएं जैसे कृषक का आधार एवं मोबाइल नंबर भी प्राप्त कर अनुशंषा पत्र में अंकित किया जाएगा।

राजस्व रेकॉर्ड में भूमि होना आवश्यक

इस योजना में अनुदान के लिए कृषकों को राजस्व रेकार्ड के आधार पर भूमि का स्वामित्व रखने, सामान्य या विशेष आवंटी होने या गैर खातेदार होने पर अनुदान का पात्र माना जाएगा। कृषक के स्वंय के नाम से भू स्वामित्व नहीं होने की स्थिति में (कृषक के पिता के जीवित होने या मृत्यु पश्चात नामान्तरण के अभाव में) यदि आवेदक स्वंय के पक्ष में भू स्वामित्व में नोशनल शेयर धारक का प्रमाण पत्र राजस्व व हल्का पटवारी से प्राप्त कर आवेदन के साथ प्रस्तुत करता है तो ऐसे कृषक भी अनुदान के पात्र माने जाएंगे।

श्रीगंगानगर जिले में रबी की फसलों की बुवाई के लिए सिंचाई पानी की कमी बनी हुई है। इसको देखते हुए कम पानी में पक कर तैयार होने वाली सरसों की फसल का प्रमाणित बीज कृषि विभाग दो हेक्टेयर तक किसानों को नि:शुल्क उपलबध करवा रहा है। इसका किसानों को लाभ उठाना चाहिए।

डॉ.जीआर मटोरिया, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) खंड श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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