कोरोना की तीसरी लहर की मानसून के बीच आने की आशंका, चिकित्सा विभाग चिंतित

- सरकार ने सभी जिलों से मांगी संसाधनों की रिपोर्ट

By: Raj Singh

Updated: 17 Jun 2021, 10:55 PM IST

श्रीगंगानगर. कोरोना की दूसरी लहर अभी पूरी तरह से समाप्त भी नहीं हो पाई है कि तीसरी लहर की संभावना ने चिकित्सा विभाग को चिंता में डाल दिया है। कोरोना की तीसरी लहर मानसून के बीच ना आ जाए, इसकी आंशका सता रही है। इसके लिए सरकार ने सभी जिलों से संसाधनों की रिपोर्ट मांगी है। मानूसन के बीच तीसरी की आशंका को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों में बिजली व पानी के पर्याप्त इंतजाम की भी कवायद शुरू कर दी गई है।


चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि अभी कोरोना की दूसरी लहर ही चल रही है और पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। इसी बीच तीसरी लहर की आशंका ने सभी को चिंता में डाल दिया है। पहली लहर से दूसरी लहर काफी खतरनाक रही है। इसको देखते हुए तीसरी लहर का अंदाजा लगाया जा सकता है।

तीसरी लहर की संभावना ने सरकार व चिकित्सा विभाग को चिंता में डाल दिया है। चिकित्सा विभाग को आशंका है कि यह तीसरी लहर मानसून के बीच ना आ जाए। इसके चलते भारी परेशानी हो सकती है। इसी को लेकर सरकार व चिकित्सा विभाग की ओर से अभी से कवायद शुरू कर दी गई है।


बच्चों में असर कर सकती है तीसरी लहर
- चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि कोरोना की पहली लहर बुजुर्गों में आई थी, जिनकी उम्र 45 से ऊपर थी और अब दूसरी लहर 18 से 45 साल के बीच के मध्यम आयु वर्ग में आई थी। दूसरी लहर काफी खतरनाक रही है। अब तीसरी लहर 18 से नीचे बच्चों में आने की संभावना जताई जा रही है। इस लहर ने सभी को चिंता में डाल दिया है।


चिकित्सा विभाग से मांगी रिपोर्ट
- जयपुर मुख्यालय से चिकित्सा विभाग से जिले में संभावित तीसरी लहर को देखते हुए चिकित्सीय संसाधनों का ब्यौरा मांगा जा रहा है। जिसमें ऑक्सीजन, दवाएं, बच्चों के लिए उपकरण, बिजली, पानी की व्यवस्था के लिए जनरेटर, सभी चिकित्सा सेंटरों पर स्टाफ, एम्बुलेंस, वाहन, बेडों की स्थिति आदि की जानकारी मांगी गई है। वहीं जिले के चिकित्सा संस्थानों के लिए आवश्यकताएं भी मांगी है। जिससे समय से पहले ही संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।


जिले में 700 ऑक्सीजन कंसेटे्रटक्र मांगे गए हैं।
25 से 30 प्रतिशत बेड बच्चों के लिए रखने के निर्देश
- चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते जिले के सभी राजकीय चिकित्सा सेंटरों पर बच्चों के लिए 25 से 30 प्रतिशत बेड आरक्षित रखने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही है। राजकीय चिकित्सालय में पहले ही एक वार्ड बना दिया गया है। जिसमें करीब 22 बेड लगे हुए हैं। यदि जरुरत पड़ती है तो बेड बढाए जा सकते हैं।


इनका कहना है
- कोरोना की तीसरी लहर ने चिकित्सा क्षेत्र को चिंता में डाल दिया है। सरकार की ओर से भी गंभीरता बरती जा रही है। जयपुर से तीसरी लहर की आशंका के चलते संसाधनों की जानकारी मांगी है और डिमांड भी मांगी गई है। जिले के लिए 700 ऑक्सीजन कंसट्रेटर मांगे गए हैं। तीसरी लहर के मानसून के बीच में ना आ जाए, इसकी आशंका के चलते सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। जिसमें वाहन, बिजली, पानी की व्यवस्था करनी होगी।
- डॉ. गिरधारीलाल मेहरड़ा, सीएमएचओ श्रीगंगानगर

Raj Singh Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned