महामारी में वायरस का भय और पुलिस की समझाइस आई काम, टूटने से बच गए कई घर

कोरोना के इन दो सालों में कम हुए महिला प्रताडऩा के मामले

By: Raj Singh

Published: 11 Sep 2021, 10:15 PM IST

श्रीगंगानगर. एक तरफ जहां दो साल से चल रही महामारी के दौर में जहां कई लोगों को जान गई और काफी लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ी। वहीं इस दौर में महामारी का भय तथा पुलिस की समझाइस से कई परिवार भी टूटने बच गए। यदि पुलिस की माने तो पहली लहर के बजाय दूसरी लहर में ऐसे मामले कम ही आए। आए तो भी समझाइस से उनके घर बसाने के प्रयास किए गए। आंकड़े बताते हैं कि काफी संख्या में परिवादों पर समझाइस से मनमुटाव दूर कराया।

महिला थाने में सिटी व आसपास का ग्रामीण इलाका भी आता है। शहरी इलाके में घरों में झगड़े व मनमुटाव आदि के मामले अधिक रहते हैं। घर में छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी, सास या बहू आदि में झगड़े होते हैं और मामला थाने तक पहुंच जाता है। जहां महिला की पूरी सुनकर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर व अलग-अलग समझाइस की जाती है और झगड़े की जड़ को देखा जाता है। यदि थाने में दोनों पक्षों में राजीनामा नहंीं पाता है तो उनको काउंसलर के पास भेज दिया जाता है। यहां भी दो-तीन बार समझाइस के प्रयास किए जाते हैं। इस दौरान काफी संख्या में लोग राजीनामा कर लेते हैं। महिला थाने के आंकड़े देखे जाएं तो इस साल जुलाई तक 360 ऐसे परिवाद आए। इनमें से समझाइस की राजीनाम करवाकर 258 लोगों के घर बसाए गए और केवल 102 मामले ही दर्ज हुए।

झगड़े ऐसे भी

- पुलिस अधिकारी बताते हैं कि पत्नी मोबाइल पर अपने पीहर बात करती है तो पति नाराज हो गया और उस पर संदेह करने लगा। पत्नी के समझाने के बाद संदेह खत्म नहीं हुआ। पत्नी ने मोबाइल छोड़ दिया लेकिन पति नहीं माना और विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के परिजन भी झगड़ गए। अब मामला थाने पहुंचा। जहां समस्या की जड़ मोबाइल पाया गया। पुलिस ने महिला का मोबाइल खंगाला और पति को बताया कि वह अपनी मां और पिता से बात करती थी। तब जाकर समझाइस से दोनों का झगड़ा शांत हुआ। इस तरह कई प्रकरण आते रहते हैं।

जिले में जुलाई तक दर्ज प्रकरण

मामले 2019 2020 2021

बलात्कार 131 109 110

छेड़छाड़ 153 159 140

प्रताडऩा 551 345 380

महिला थाने में जुलाई तक दर्ज मामले

बलात्कार 32 39 32

छेड़छाड़ 18 43 29

प्रताडऩा 139 117 102

थाने में जुलाई तक आए परिवाद

परिवाद 495 537 360

दर्ज हुए 139 117 102

इनका कहना है

- कोरोना महामारी में महिला प्रताडऩा के केस कम आए हैं। वहीं काफी केसों में समझाइस करके परिवार को फिर बसाया है। इसके लिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग, समझाइस व समस्या की जड़ को दूर कर घर टूटने से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें काफी सफलता भी मिल रही है। इस साल 360 परिवाद आए थे, जिनमें समझाइस कर निस्तारण किया गया। इसके चलते केवल 102 मामले ही दर्ज हुए।

- राजेशदेवी, थाना प्रभारी महिला थाना श्रीगंगानगर

इनका कहना है

- महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र में घरेलू झगड़ों में समझाइस व काउंसलिंग की जाती है। अपे्रल से अगस्त तक 10 प्रकरणों में राजीनामा करवाकर घर बसाए गए हैं। परिवारों में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद हो हो जाते हैं। अभी एक बच्चे को मां को दिलाने का केस चल रहा है। जिसमें एक बार बच्चा समझाइस से सौंप दिया था लेकिन फिर ले गए। अब दौबारा समझाइस चल रही है।

सीता चारण अधिवक्ता, प्रभारी महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द श्रीगंगानगर

Raj Singh Reporting
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