22 वार्डों में सफाई पर खर्च होंगे चार करोड़

पिछले साल था सवा दो करोड़ रुपए का ठेका, इस बार दोगुणा किया बजट

 

By: vikas meel

Published: 24 May 2018, 08:20 PM IST

श्रीगंगानगर.
शहर के बाइस वार्डों में सफाई कराने के लिए ठेकेदार को नगरपरिषद प्रशासन चार करोड़ रुपए का बजट खर्च करेगी। पिछले साल यह बजट करीब दो करोड़ का था लेकिन इस बार बजट राशि दोगुणा की है। परिषद प्रशासन का तर्क था कि पिछली बार सफाई 16 वार्डों में कराई जा रही थी लेकिन इस बार 22 वार्डो मं सफाई कराने का दावा किया जा रहा है। सफाई ठेके के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई थी, इसमें पुरानी ठेका फर्म श्रीश्याम एसोसिएशटस की सबसे न्यून दर 3 करोड़ 88 लाख 98 हजार 631 रुपए होने पर उसे फिर से ठेका देने का निर्णय किया गया है।

 

इसके अलावा फर्म शिव सिक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विस की दर 4 करोड़ 90 लाख रुपए थी, तीसरी फर्म मैसर्स सुखपाक सिंह कॉन्टेक्टर ने 4 करोड़ 28 लाख रुपए और चौथी फर्म डींग मैनपावर एंड सिक्योरिटीज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने 4 करोड़ 88 लाख रुपए के रेट दिए थे। परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि टैण्डर की प्रक्रिया हो चुकी है और अब वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया अगले तीन दिन में अपनाई जाएगी।

 

जब गोलमाल किया तो डीएलबी ने लगाई रोक

हालांकि दो महीने पहले जब नगर परिषद प्रशासन ने करीब साढ़े छह करोड़ रुपए से सफाई कराने का ठेका किया तो उपसभापति अजय दावड़ा और पार्षद अशोक मुंजराल ने इसकी शिकायत डीएलबी से की थी। इन पार्षदों का आरोप था कि परिषद के अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से परिषद के राजकोष को हनि पहुंचाई जा रही है। परिषद प्रशासन ने सफाई ठेके के लिए 4 करोड़ 18 लाख रुपए की निविदा के संबंध में विज्ञप्ति जारी की थी लेकिन टैण्डर के दौरान गुपचुप तरीके से टैण्डर की राशि 6 करोड़ 40 लाख रुपए खुद ही तय कर ठेका देने की तैयारी कर ली थी।

 

नियमानुसार पचास लाख रुपए की निविदा के संबंध में परिषद बोर्ड में प्रस्ताव मंजूर करवा कर डीएलबी से पुष्टि कराने का प्रावधान है, इन नियमों की अनदेखी कर परिषद प्रशासन ने यह ठेका तय कर लिया। शिकायत होने पर डीएलबी ने परिषद प्रशासन से जवाब मांगा लेकिन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और यह ठेका निरस्त कर दिया था। इस बार फिर से ठेकेदार को करीब चार करोड़ रुपए के ठेका दिया गया है।


यह सही है कि आखिर लंबे समय के बाद बाइस वार्डों में सफाई कराने के लिए ठेका तय कर दिया गया है। वर्क ऑर्डर से पहले ठेकेदार को संबंधित वार्डों के नाम भी बताए जाएंगे। सभापति से अनुमति मिलने के बाद ही वकॅ ऑर्डर किए जाएंगे।

- सुनीता चौधरी, आयुक्त नगर परिषद

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