निर्मल मन में वास करते हैं भगवान

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By: jainarayan purohit

Published: 25 Nov 2018, 08:14 PM IST

-श्रीकरणपुर में शुरू हुई भक्तमाल हरिकथा

श्रीकरणपुर.

भगवान निर्मल मन में वास करते हैं। प्रेम और श्रद्धा से ही उन्हें वश में किया जा सकता है। यह बात कथावाचक ऋषिकृष्ण महाराज ने रविवार शाम वार्ड 17 स्थित विवेकानंद पार्क में शुरू हुई भक्तमाल हरिकथा में कही।
उन्होंने कहा कि भक्तमाल महाभागवत श्रीनाभादास महाराज की रचना है।

भक्तमाल में भक्तों का गुणगान और यशोगान है। भगवान और भक्त का कैसा संबंध होना चाहिए। इसका ज्ञान हमें भक्तमाल ग्रंथ के श्रवण, मनन और पठन से हो सकता है। उन्होंने कहा कि भक्तमाल के श्रवण से शुष्क हृदय भी सरस और भक्तिमय हो जाता है। कथा के दौरान सुनाई गई ‘भक्त के वश में है भगवान’ व ‘काली कमली वाला मेरा यार है’ आदि रचनाओं पर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस अवसर पर यजमानों ने पूजा अर्चना करवाई।

सेवादार देवेन्द्र सैन, राधाकृष्ण शर्मा, इंद्रजीत मुंजाल, सत्य सांवरिया, किशन शर्मा, दीपक गर्ग आदि ने व्यवस्थाएं संभाली। उन्होंने बताया कि बुधवार तक प्रतिदिन दोपहर दो से शाम छह बजे तक कथा होगी।

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