Video : लाखों रुपए खर्च वाटर हार्वेस्टिंग बनाया, अब किसी काम का नहीं

राज्य सरकार की ओर से बारिश की बूंद-बूंद बचाने के लिए चलाए जा रहे जल स्वावलंबन अभियान में नगर परिषद खानापूर्ति कर रही है।

By: Raj Singh

Published: 18 Aug 2017, 08:48 PM IST

श्रीगंगानगर.

राज्य सरकार की ओर से बारिश की बूंद-बूंद बचाने के लिए चलाए जा रहे जल स्वावलंबन अभियान में नगर परिषद खानापूर्ति कर रही है। हालत ये है कि न तो परिषद के जिम्मेदार अधिकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच रहे हैं और न ही कमियों को दूर करवा रहे हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण पुलिस लाइन में जल स्वावलंबन अभियान के तहत बनाया गया वाटर हार्वेस्टिंग टैंक है।
पुलिस लाइन में नगर परिषद की ओर से मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत अस्तबल के समीप 'रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' तैयार किया गया है। इसकी कार्यकारी एजेंसी नगर परिषद है। इस टांकेनुमा टैंक और छत पर लगाए गए पाइपों के निर्माण कार्य में साढ़े सात लाख रुपए खर्च किए गए हैं। यहां निर्माण कार्य पूरा हो चुका है लेकिन जिस मंशा को लेकर इस टैंक का निर्माण किया गया है। वह खरा नहीं उतर रहा है।

 


पशुओं के काम भी नहीं आएगा टैंक का पानी

नगर परिषद की ओर से करवाए गए इस निर्माण कार्य में कई कमियां छोड़ दी गई है। छत से पाइप नीचे तक लगा दिए गए हैं लेकिन उनका चैंबर जमीन से नीचे बना है और वह खुला पड़ा है। वहीं शौचालय के टैंक का पानी रिसकर इस चैंबर के लिए बारिश का पानी जमा करने के लिए बनाए गए वाटर टैंक में जमा हो रहा है। इसके चलते टैंक में दुर्गंध आ रही है। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बताया कि निर्माण कार्य में छोड़ी गई कमी के चलते टैंक में सीवर का पानी जमा हो रहा है। यह टैंक बारिश का पानी जमा कर उसे पेड़-पौधों सहित अन्य कार्योंं में लेने के लिए तैयार किया गया था। लेकिन गटर का गंदा पानी टैंक में जाने से यह पानी पशुओं के लायक भी नहीं बचा। न ही इसे पेड़ -पौधों में डाला जा सकेगा।

 


अभियान को लेकर गंभीर नहीं जिम्मेदार

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान को लेकर नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी इन निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस लाइन में एक टैंक का यह हाल है। यहां निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने जाकर ही नहीं देखा कि ठेकेदार ने वहां क्या कमियां छोड़ रखी है।

 

इनका कहना है


-इस टैंक को नगर परिषद ने अभी पुलिस को नहीं सौंपा है। निर्माण कार्य की कमियां दूर कराने के बाद ही इस टैंक को अपने कब्जे में लिया जाएगा।

-सुरेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर

 


-पुलिस लाइन में जल स्वावलंबन अभियान के तहत बनाए गए वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम की निर्माण के बाद मैंने जांच की है। वहां कोई कमी नहीं है। यदि कोई कमी है तो उसे सुधारा जाएगा।

-मंगत सेतिया, कार्यवाहक सहायक अभियंता, नगर परिषद, श्रीगंगानगर

Raj Singh Reporting
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