हरियाणा चुनाव: वोट वहां, डोरे यहां

हरियाणा चुनाव: वोट वहां, डोरे यहां
हरियाणा चुनाव: वोट वहां, डोरे यहां

Surender Kumar Ojha | Updated: 06 Oct 2019, 11:16:10 PM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

Haryana election:हरियाणा की राजनीति का असर हमारे इलाके में देखने को भी मिल रहा है।

श्रीगंगानगर. हरियाणा के विधानसभा चुनाव की राजनीति का असर हमारे इलाके में देखने को भी मिल रहा है। पंजाब और हरियाणा नजदीक होने के कारण रिश्तेदारी श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में अधिक है।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को है। 90 सीटों के होने वाले इस चुनाव में 1843 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है। हरियाणा के तीन जिलों हिसार, सिरसा और फतेहबाद के कई परिवारों की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रिश्तेदारी श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला श्रीगंगानगर के कई विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के पक्ष में रैली कर चुके है, इन रैलियों के दौरान उनका नारा था कि राजस्थान के साथ उनकी रोटी और बेटी का रिश्ता है। यह नारा कुछ हकीकत भी बयां करता है।

जाट और वैश्य समाज व अन्य समाजों के रिश्ते इन तीन जिलों में हो चुके है। ऐसे में राजनीतिक गलियारे में श्रीगंगानगर जिले में खासतौर पर वैश्य समाज की कई बहु और बेटियों के वोट अब भी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिले में है। इन वोटरों तक राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने सीधा संपर्क भी कर रखा है। कई समर्थक तो हरियाणा में विधानसभा चुनाव में नामांकन प्रक्रिया के बाद यहां डेरा भी डाले हुए है ताकि इन वोटरों के वोटों को अपने पक्ष में डलवा सके।

जवाहरनगर के पांडुसरिया परिवार के दामाद सिरसा जिले से प्रत्याशी है, ऐसे उनके रिश्तेदारों ने जातीय समीकरण को देखते हुए एक एक वोट को पोल कराने के लिए वहां भिजवाने की व्यवस्था बनाने में जुटे है। इसी प्रकार फतेहाबाद में एक राजनीतिक दल के प्रत्याशी के रिश्तेदारों ने सूरतगढ़, अनूपगढ़ और रायसिंहनगर से चुनाव प्रचार के लिए समर्थकों को वहां भिजवाया है।

आदमपुर, ऐलनाबाद और कालांवाली विधानसभा चुनाव में उतरे प्रत्याशियों के कई रिश्तेदार श्रीगंगानगर शहर के अलावा गजसिंहपुर, श्रीकरणपुर, सादुलशहर एरिया से रवाना हो चुके है। दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा के कई पदाधिकारी भी हरियाणा विधानसभा चुनाव में हो रही रैलियों में सक्रिय रूप से आवाजाही कर रहे है।

हिसार जिले की हिसार, आदमपुर, हांसी, नलवा, बरवाला, उकलाना और नारनोंद विधानसभा है, वहीं फतेहाबाद जिले की फतेहाबाद, टोहाना और रतिया विधानसभा है जबकि सिरसा जिले में सिरसा, ऐलनाबाद, कालांवाली, रानियां और डबवाली विधानसभा है।

वैश्य समाज के प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन की धाम हिसार जिले के अग्रोहा में है। ऐसे में वैश्य समाज के विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से राजनीतिक दल भी अछूते नहीं है। इन संगठनों के रिश्तेदार हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिले में प्रत्याशियों के समर्थन में कूद पड़े है।

ऐसे में सीधा असर श्रीगंगानगर जिले के इस समाज पर पड़ा है, इस समाज के लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग कर रहे है। समाज के एक मौजिज पदाधिकारी का कहना था कि महज दस दिनों के लिए सहयोग की अपील संबंधित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की है तो समाज बंधु होने के कारण वे अलग हो नहीं सकते। चुनाव में हार जीत मायने नहीं रखती लेकिन वोट पोल करना जरूरी है। एक एक वोट के लिए कशमकश जारी है।

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