अस्पताल के कचरे में आग से मचा हडक़ंप, धुआं भरने से कई वार्ड के मरीजों को बाहर निकाला

धुआं भरते ही मरीजों में मची अफरातफरी, दो दमकलों ने आग पर काबू

 

By: Raj Singh

Published: 03 Dec 2019, 08:36 PM IST

श्रीगंगानगर. राजकीय चिकित्सालय में मंगलवार शाम करीब चार बजे सर्जीकल वार्डों के समीप सीढ़ी नीचे में पड़े कचरे व अन्य सामान में आग लगने से हडक़ंप मच गया। यहां लगी आग का धुआं आसपास के कई वार्डों में भर गया। इसके चलते मरीजों में अफरातफरी मच गई और मरीजों को तत्काल वहां से निकालकर बाहर भेजा गया। मौके पर पहुंची दो दमकल वाहनों से कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया लेकिन इसके बाद भी वार्डों में धुआं नहीं निकला था। मरीज बाहर ही पार्क में बैठे हुए थे।

जानकारी के अनुसार सर्जीकल वार्डों के समीप सीढ़ी बनी हुई है। जहां जमा कचरा, पुरानी दवाएं व पॉलीथिन आदि में अज्ञात कारणों से शाम करीब चार बजे आग लग गई। आग लगने के बाद इलाके में तेजी से भारी धुआं निकलने लगा और धुआं सीटी स्कैन के पास, मेल सर्जिकल, फीमेल सर्जिकल, फीमेल मेडिकल, मेल मेडिकल, वृद्धजन वार्ड में भारी धुआं भर गया। इससे वहां भर्ती मरीजों व उनके परिजनों में अफरातफरी मच गई।

वहीं वार्डों में तैनात नर्सिंगकर्मियों ने चल-फिर सकने वाले मरीजों को तत्काल दूसरी तरफ जाने के लिए कहा। वहीं कई गंभीर मरीजों को नर्सिंगकर्मियों व लोगों ने दूसरी तरफ पहुंचाया। साथ ही गंभीर मरीजों के उनके परिजन भी वहां से उठाकर नीचे ले गए।

पूरे इलाके में धुआं फैल गया। इसके चलते इलाके को खाली कराया गया। मामले की सूचना मिलने पर दमकलकर्मी वाहन लेकर मौके पर पहुंच गए और एक गाड़ी पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन आग नही बुझी। इस पर दूसरी दमकल को बुलाया गया। इसके बाद दूसरे दमकल वाहन से पानी डालकर आग पर काबू पाया।

नर्सिंगकर्मी धुआं निकालने का करते रहे प्रयास

- आग बुझाने के बाद नर्सिंगकर्मी व चिकित्सा कर्मियोंं की ओर से वार्डों व गैलरी में भरे धुएं को निकालने के प्रयास शुरू कर दिए गए। यहां गैलरी व वार्डों की सभी खिड़कियां खोल दी गई। धुआं के कारण यहां सांस लेना मुश्किल हो रहा था। सभी वार्डों के पंखों व एग्जास्ट फैन चलाए गए। इसके कुछ देर बाद धुआं छंटने लगा।

मरीज परिजन ही उठाकर चल दिए ऑक्सीजन सिलेण्डर

- आग लगने पर धुआं वार्ड में फैलने से मरीजों व परिजनों में अफरातफरी मच गई और मरीज व उनके परिजन अपना सभी सामान बिस्तर पर ही छोडकऱ वहां निकल गए और नीचे पार्क में आकर बैठ गए। यहां एक-दो मरीजों को ऑक्सीजन भी लगी हुई थी। जिनको उनके परिजन ऑक्सीजन की बोटल के साथ ही दूसरी तरफ ले गए। नर्सिंगकर्मियों ने भी उनकी मदद की और उनको सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

कचरा, दवाएं भरी थी

- आग शांत होने के बाद दमकलकर्मियों ने जब खंगाला तो यहां दवाएं भी पड़ी हुई मिली थी। यहां कई थैलियों में कचरा आदि भरा हुआ था। प्लास्टिक में आग लगने के कारण इतना गहरा धुआं वार्डों में भर गया था। संभावना जताई जा रही है कि किसी व्यक्ति की ओर से बीड़ी आदि डालने से यहां आग लगी हो सकती है।

किसी मरीज को नहीं हुआ नुकसान

- चिकित्साकर्मियों ने बताया कि आग लगने पर जैसे ही वार्डोंं में धुआं भरने लगा तो मरीजों व उनके परिजनों को बाहर की तरफ भेज दिया गया था और गंभीर मरीजों को उन्होंने वहां से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था। इसके चलते किसी मरीज को कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं कैदी वार्ड के गेट बंद होने से धुआं अंदर जाने से बच गया। जिससे वहां से मरीजों को बाहर नहीं भेजना पड़ा।


इनका कहना है
- सीढ़ी के नीचे कचरे में आग लगी थी। जिससे धुआं फैलने पर मरीजों को वार्डों से हटा दिया गया था। आग से किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और ना ही किसी मरीज को कोई परेशानी हुई है।
डॉ. प्रेम बजाज, डिप्टी कंट्रोलर, राजकीय चिकित्सालय श्रीगंगानगर

Raj Singh Reporting
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