यह कैसा सर्वे: बिना मास्क और सैनेटाइजर से डोर टू डोर सर्वे

How is this survey: door to door survey with no mask and sanitizer- श्रीगंगानगर में बनी कोर कमेटी में आशा सहयोगिन और कार्यकर्ताओं की लगाई डयूटियां.

By: surender ojha

Published: 02 May 2021, 02:57 PM IST

श्रीगंगानगर. कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप अधिक होने से अलग अलग उपखंड क्षेत्रों में कोर कमेटियां बना कर डोर टू डोर सर्वे शुरू किया गया है। आशा सहयोगिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से डोर टू डोर सर्वे करवाने की जिम्मेदारी तय की गई है। लेकिन इन महिलाओं के पास न मास्क और न सैनेटाइजर मशीनें है।

इन मानदेय महिलाओं का कहना है कि सरकार की ओर से कोई राहत का पैकेज भी नहीं दिया गया है। इन दिनों ज्यादातर लोगों में कोरोना का प्रकोप है, एेसे में पहले उनकी सुरक्षा का ख्याल नहीं रखा गया है। इसके बावजूद वे डोर टू डोर सर्वे करवा रही है। यदि कोरोना की चपेट में आ गई तो उनके साथ साथ उनके परिवार के सदस्य भी संक्रमित होने का खतरा बन जाएगा।

इस बारे में किसी भी अधिकारी ने कदम नहीं उठाया है। इन महिलाओं की ओर से रोजाना एक प्रपत्र में रिपोर्ट मांगी जा रही है।

इस प्रपत्र में संबंधित ग्राम पंचायत या वार्ड में कुल घरों की संख्या, सर्वे किए गए घरों की संख्या, जुकाम और खासी या बुखार के लक्षण वाले व्यक्तियों की संख्या, लक्षण वाले व्यक्तियों केा को दी गई किट की संख्या, वितरित की गई राहत सामग्री का विवरण, कोविड वैक्सीनेशन की संख्या, चिरंजीवी योजना में पंजीकरण की संख्या, कोविड की पालना का उल्लघंन किए जाने पर चालान, जुर्माना राशि, अन्य, मास्क वितरण की संख्या, संक्रमित केस की संख्या, संक्रमित से मृत्यु की संख्या, बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों की संख्या, होम क्वांटरटाइन व्यक्तियों की संख्या, संस्थागत क्वांरटाइन व्यक्तियेां की संख्या के बारे में जानकारी मांगी जा रही है।

इस संबंध में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सीता स्वामी का कहना है कि कोरोना प्रकोप के दोरान डयूटियां देने से आंगनबाडी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिन तत्पर रही है।

लेकिन मास्क और सेनेटाइजर जैसी सुविधा तो सरकार उपलब्ध करवाएं। संक्रमित रोगियों के घरों पर सर्वे के दौरान संक्रमण की चपेट में आ सकती है। उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस संबंध में कदम उठाएगा।

यह पूरा सर्वे कागजी चल रहा है। जिला प्रशासन की ओर से बनी कोर कमेटी की ओर से प्रपत्र दिया है, उसमें मास्क वितरण का भी कॉलम है। जबकि एक भी मास्क वितरित नहीं किया गया है। यही स्थिति संक्रमित रोगियों को कीट देने की है।

surender ojha Reporting
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