यह कैसा निर्माण: आम आदमी खाए हिचकौले और मकान मालिक ठहराए कार

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By: surender ojha

Published: 02 Mar 2019, 08:45 PM IST

श्रीगंगानगर। जवाहरनगर सैक्टर एक और दो में इंटरलोकिंग टाइल्स बिछाने के निर्माण की आड़ में खेल चल रहा है। इंदिरा वाटिका से गगन पथ पर स्थित अरोडवंश पब्लिक स्कूल तक तहसील रोड पर इंटरलोकिंग टाइल्स सडक़ किनारे बिछाई जा रही है लेकिन इस यह पूरी रोड ही जर्जर हो चुकी है।

वहां आए दिन सडक़ दुर्घटनाएं भी होने लगी लेकिन नगर परिषद प्रशासन ने इस रोड बनाने की बजाय वहां सडक़ किनारे इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का ठेका दे दिया है। पूरी रोड करीब तीन साल पहले सीवरेज प्रोजेक्ट के पहले चरण में यूईएम ठेका कंपनी की ओर से खोदी गई थी, सीवर लाइन बिछाने के बाद इस ठेका कंपनी ने चैम्बर का लेवल सडक़ के अनुरुप नहीं रखा इस कारण यह सडक़ बरसाती पानी में बह गई।

पिछले दो सालों से जर्जर हो चुकी इस रोड का जीर्णोद्धार की बजाय वहां पेचवर्क लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया लेकिन गत वर्ष विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण यह काम अटक गया। इस बीच नगर परिषद प्रशासन ने बीस बीस लाख रुपए के दो ठेका कार्यो में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के निर्माण की मंजूरी दे दी।
इस जवाहरनगर का यह इलाका पॉश एरिया है। ऐसे में मकान और भूखंडों के आगे इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के बाद वहां कार जैसे चौपहिया वाहन खड़े होने लगे है तो कई भूखंड मालिकों ने गमले रखकर वहां नर्सरी की तरह इस्तेमाल करना भी शुरू कर दिया है।

इस इंटरलोकिंग टाइल्स बिछाने के स्थल के ठीक चंद इंच पर आगे सडक़ इतनी जर्जर है कि वहां साइकिल सवार भी हिचकौले खाने लगता है। इस समस्या को जानते हुए भी नगर परिषद के अभियंताअेां ने इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का तकमीना तैयार कर ठेके देने की मंजूर भी दे दी।

रही कही कसर परिषद के अधिकारियों ने पूरी कर दी। इन अधिकारियों ने ऐसे ऐसे ठेकेदार को निर्माण की हामी भर दी जिन्होंने ऐसा काम करवाया तक नहीं है। इस बीच इस इलाके में चालीस लाख रुपए का बजट नगर परिषद की ओर खर्च किया जा रहा है लेकिन वहां डिवाइडर पर लगी उखड़ी टाइल्स की मरम्मत तक नहीं की जा रही है।

इस डिवाइडर पर टाइल्स को आड़े तिरछी लगाने का निर्माण नगर विकास न्यास की तत्कालीन अध्यक्ष सीमा पेड़ीवाल के कार्यकाल में कराया गया था। लेकिन उसके उपरांत यूआईटी और नगर परिषद की ओर से कई बार सौन्दर्यीकरण के नाम पर रंग रोगन किया। सीवर खुदाई के दौरान इस डिवाइडर पर टाइल्स उखड़ गई थी लेकिन मरम्मत कराने पर बजट खर्च करने में नगर परिषद ने कोई कदम नहीं उठाया। लेकिन घरों के आगे टाइल्स बिछाने के इस खेल से ठेकेदारों और अधिकारियों की मौज बनी हुई है।

surender ojha Reporting
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