तो नहीं खुला आईवीएफ सेंटर

नि:संतान दंपत्तियों के इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित सरकारी अस्पताल में आईवीएफ सेंटर खोले जाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है।

By: pawan uppal

Published: 09 Dec 2017, 07:45 AM IST

श्रीगंगानगर.

नि:संतान दंपत्तियों के इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित सरकारी अस्पताल में आईवीएफ सेंटर खोले जाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। सेंटर खोलने की घोषणा मुख्यमंत्री ने वर्ष 2015-16 में बजट भाषण में की थी। सूत्र बताते हैं कि इस संबंध में महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज से एमओयू भी हो गया था। जयपुर से एक टीम ने जिला चिकित्सालय परिसर का अवलोकन करने के बाद आईवीएफ सेंटर के लिए जगह भी तय कर ली थी।

एमओयू के बाद कॉलेज की ओर से ढाई लाख रुपए की अमानत राशि भी जमा करवाई गई। बाद में संबंधित एजेंसी ने आईवीएफ सेंटर खोलने के प्रति रुचि नहीं दर्शाई। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को कई बार पत्र लिखे गए, मगर कोई जवाब नहीं आया। आखिरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आईवीएफ सेंटर के लिए किया गया करार रद्द कर दिया। अमानत राशि भी जब्त करने के आदेश जारी कर दिए गए।


पाली में शुरू, कई जिलों में तैयारी
चिकित्सा विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के बजट भाषण में जिला चिकित्सालयों पर नि:संतान दंपत्तियों के इलाज के लिए आईवीएफ सेंटर खोले जाने की घोषणा के तहत पाली में 29 अक्टूबर को सुविधा आरम्भ हो गई और कोटा , सवाई माधोपुर, ब्यावर (अजमेर), कावंटियां (जयपुर), बीकानेर एवं सीकर में आईवीएफ सेंटर के लिए आवश्यक उपकरण खरीद लिए गए हैं और वहां निर्माण कार्य प्रगति पर है। बारां चिकित्सालय में अडानी गु्रप द्वारा आईवीएफ सेंटर भवन का निर्माण किया गया है, जिसके हैंडओवर के बाद ही कार्य किया जा सकेगा।


क्या है आईवीएफ?
जिन महिलाओं के बच्चे नहीं हैं वे इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के जरिए मां बनने की इच्छा पूरी कर सकती है। पारंपरिक आईवीएफ तकनीक निषेचन के बाद शुक्राणुओं और अंडे के फ्यूजन पर काम करती है। सरकार ने बच्चे की चाहत रखने वाले नि:संतान दंपत्तियों के लिए आईवीएफ तकनीक से डिलीवरी हर किसी की पहुंच में करवाने के उद्देश्य से ही आईवीएफ सेंटर खोलने का फैसला लिया था।
दूसरी एजेंसी से करेंगे एमओयू
श्रीगंगानगर में आईवीएफ सेंटर खोलने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर में किसी दूसरी एजेंसी से एमओयू करेगा। इस संबंध में सभी निर्णय जयपुर में होने हैं।
डॉ. सुनीता सरदाना, पीएमओ, जिला चिकित्सालय, श्रीगंगानगर

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