बीस एमएम बरसात और आई तो डूब जाएगी पुरानी आबादी

If twenty mm of rain comes and then the old population will drown- पानी निकासी के इंतजाम नहीं, नगर परिषद की उड़ी नींद.

By: surender ojha

Published: 12 Sep 2021, 02:27 PM IST

श्रीगंगानगर. इलाके में तीसरे दिन रविवार को भी बरसात का दौर जारी रहा। पिछले तीन दिन से लगातार बरसात का आंकड़ा करीब एक सौ एमएम तक पहुंच चुका है। सबसे ज्यादा बुरी हालत पुरानी आबादी की है। इस एरिया में आठ साल पहले मंजूर हुआ एसटीपी का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

इससे पानी निकासी की मौजूदा स्थिति बिगड़ रही है। नगर परिषद के अधिकारियों का मानना है कि यदि बीस एमएम बरसात और आई तो पुरानी आबादी में बाढ़ जैसी नौबत आ सकती है। पुरानी आबादी के आसपास कृषि भूमि पर अब नई कॉलोनियां बन चुकी है। इस कारण पानी निकासी के वैकल्पिक इंतजाम फेल नजर आने लगे है। नगर परिषद प्रशासन की एकाएक नींद उड़ गई है।

वहीं सियासी दावपेंच में उलझी नगर परिषद सभापति करुणा चांडक के लिए यह बरसात अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। हालांकि सभापति ने पिछले एक साल में ब्लॉक एरिया और बाजार एरिया के नालों की सफाई करवाकर पानी निकासी के इंतजाम करवाए है लेकिन पुरानी आबादी को लेकर वे भी आशंकित है।

चांडक की माने तो पुरानी आबादी की भोगौलिक स्थिति भी शहर से अलग है। यहां ए माइनर नहर किनारे ऊंचा है तो उदाराम चौक और टावर रोड नीचे स्तर पर है। जल भराव इन दोनेां एरिया में अधिक होता है। नालों का जीर्णोद्धार करवाया लेकिन गडढे में अतिक्रमण कर पक्के भवन बनने के कारण पानी का बहाव आगे नहीं बढ़ता।

पुरानी आबादी में पहले चार गडढ़े थे लेकिन पिछले दो दशक से सबसे ज्यादा अतिक्रमण हुए है। कई सफाई कार्मिक, ठेकेदार, पूर्व पार्षदों ने वहां कब्जे इस कदर कर लिए कि पानी निकासी के रास्ते ही बंद करवा दिए। अब पानी सड़कों पर घंटों तक पसरा रहता है। इधर पूरे शहर की अधिकांश गलियों में पानी इतना अधिक हो गया कि वाहन चालक शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने के लिए सुरक्षित सड़क को ढूंढते नजर आए।

वहीं पैदल चलने वाले राहगीरों की मुश्किलें हुई।इधर, नगर परिषद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए है। सफाई कमिज़्यों ने सभापति के पति से कथित मारपीट के मामले में सफाई काम ठप कर दिया। ऐसे में पानी निकासी के लिए सफाई कामिज़्क डयूटी पर नहीं आए।

नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि पानी निकासी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। गुरुनानक बस्ती और पुरानी आबादी के गडढें से आसपास खेतों में पानी डलवाने के प्रयास तेज किए है। वहीं ब्लॉक में अधिक जल भराव के कारण आवाजाही ठप हो चुकी है। इस कारण जी ब्लॉक स्थित भगतसिंह पाकज़् में वाटर हावेज़्स्टिंग सिस्टम को फिर से चालू करवाया गया है।

दमकल की गाडियों के माध्यम से जल निकासी के बंदोस्त किए जा रहे है। स्वास्थ्य अधिकारी का दावा है कि शनिवार देर रात मुख्य मागोज़् से पानी उतर जाएगा।

सबसे ज्यादा बुरी स्थिति सीवर प्रभावित इलाकों में रही। ठेका कंपनी एलएंडटी ने सड़कों को खोदकर वहां सीवर पाइप लाइनों को बिछाने का काम शुरू कर रखा है।बरसात के कारण वहां कीचड़ पसर चुका है। इधर, कई जगह भवन निमाज़्ण कायज़् भी एकाएक थम गए। अधिक बरसात होने के कारण लोगों ने कामकाज ठप करवा दिए है।

उधर, सुखाडिय़ा सकिज़्ल, गगन पथ, गौशाला मागज़्, रवीन्द्र पथ, लक्कड़मंडी रोड, हनुमानगढ़ रोड, मोटर माकेज़्ट, अग्रसेननगर चौक, दुगाज़् मंंदिर एरिया, पुरानी आबादी उदाराम चौक, टावर रोड, तुलसी रोड, राधेश्याम कोठी रोड एरिया में सबसे ज्यादा जल भराव रहा।इन एरिया में पानी निकासी नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। यहां तक कि अस्थायी दुकानदारों की दुकानें भी बंद हो गई।

surender ojha Reporting
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