नवाचार : ऑडियो बुक रिकॉर्डिंग के लिए प्रशिक्षित हो रहें एनसीसी कैडेट

नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए आसान होगी पढ़ाई की राह

By: Krishan chauhan

Updated: 28 Jul 2021, 12:17 PM IST

नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए आसान होगी पढ़ाई की राह

नवाचार : ऑडियो बुक रिकॉर्डिंग के लिए प्रशिक्षित हो रहें एनसीसी कैडेट

-कृष्ण चौहान
श्रीगंगानगर. प्रदेशभर के स्कूलों में अभी तक एनएसएस,स्काउट या एनसीसी के विद्यार्थियों को आमतौर पर शाला में साफ-सफाई,अनुशासन और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यों को करते ही देखा गया है। जिला मुख्यालय के मल्टीपर्पज स्कूल ने नवाचार करते हुए एनसीसी कैडेट को ऑडियो बुक तैयार करने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। कैडेट को समावेशित शिक्षा से जुड़े उपकरणों की सामान्य जानकारी भी दी जा रही है। इससे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को शिक्षण अधिगम की राह बेहद सुगम हो सकेगी। संभवतया: राज्य में इस तरह का यह पहला नवाचार है। उल्लेखनीय है कि एनसीसी कैडेट की ओर से यूं विशेष विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के चलते समावेशी शिक्षण की मूलधारणा साकार हो सकेगी।

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-ऐसे तैयार करेंगे बोलती पुस्तकें

फिलहाल कैडेट को एनसीसी पाठ्यक्रम के साथ-साथ बोलती पुस्तकों को मोबाइल पर ही तैयार करना सिखाया जा रहा है। इसमें उच्चारण,आवाज की तीव्रता व गति,शाब्दिक बल,टोन,रेकॉर्डिंग समय और पिच आदि के साथ उच्चारित किए जाने वाले व छोड़े जाने वाले भाग की जानकारी भी दी जा रही है। एनसीसी कैडेट इसके लिए घर पर अलग से अभ्यास भी करते हैं।

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-विशेष शिक्षा में सहायक हैं ये उपकरण

सीडब्ल्यूएसएन विद्यार्थियों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ब्रेल बुक, ब्रेलकिट,ब्रेलर,टेलर फ्रेम,अबेकस,केन,ज्योमेट्री किट,ऑडियो मीटर,लार्ज फॉन्ट,ऑडियो बुक व एम.आर. किट की प्रमुख आवश्यकता रहती है।

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-दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को होंगे ये फायदे

1. नेत्रहीन विद्यार्थियों को अपने घर और स्कूल के आस-पास ही अॅडियो बुक नि:शुल्क और आसानी से मिलेगी।

2. श्रुतिलेखक/स्क्राइब की व्यवस्था के लिए विद्यार्थियों को भटकना नहीं पड़ेगा।

3. प्रतियोगी परीक्षा,नोट्स व महत्वपूर्ण बिंदुओं से जुड़ी ऑडियो किताबें भी रेकॉर्ड हो सकेंगी।

4. सॉफ्टकॉपी तैयार होने से राज्य में आरबीएसइ पाठ्यक्रम वाले सभी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहेंगी।

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फैक्ट फाइल
जिला स्तर का गणित

जिले में विशेष शिक्षक- 53
जिले में संदर्भ कक्ष-9

जिले में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी-2814
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राज्य स्तर का गणित
राजकीय विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थी- 88 हजार 500

राज्य में विशेष शिक्षक-2200
दिव्यांगता की श्रेणियां-21

कैडेट सेवा और सहयोग भावना से बोलती पुस्तकें तैयार करने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे 11 वीं 12वीं के बच्चों की खुद की भी पढ़ाई साथ-साथ चलने से विद्यार्थियों को दोहरा लाभ मिलेगा।

-भूपेश शर्मा, समन्वयक,जिला दिव्यांगता प्रकोष्ठ,शिक्षा विभाग,श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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