झगड़ा करने वाले परिवारों को टूटने से बचाने के लिए महिला थाने में लगाए गए प्रेरणादायक स्लोगन

Raj Singh Shekhawat | Updated: 12 Oct 2019, 09:13:36 PM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

महिला थाना पुलिस की नई पहल

 

श्रीगंगानगर. छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा कर थाने में आने वाले परिवारों को टूटने से बचाने के लिए महिला थाना पुलिस की ओर से एक नई पहल की गई है। यहां समझाइस के साथ ही उनको थाने में लगे प्रेरणादायक स्लोगन पढ़ाए जाते हैं। इसके लिए थाने में कविताएं व स्लोगन आदि लगाए गए हैं।

परिवार में छोटी-छोटी बातों को लेकर बड़े विवाद हो जाते हैं और आखिर में महिलाएं पति व ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए थाने पहुंचती हैं। जहां पुलिस उनकी सुनवाई कर परिवार के अन्य सदस्यों को भी बुलाती है। जिसमें पीहर, ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल होते हैं। पुलिस की ओर से प्रयास होता है कि परिवार बिखरे नहीं और छोटी-छोटी बातों को मिल बैठकर निपटा दिया जाए। इसके लिए दोनों पक्षों की काउंसलिंग की जाती है।

अब काउंसलिंग के साथ ही पुलिस ने परिवार के लोगों में सकारात्मक भाव लाने व प्रेरणा के लिए थाने में प्रेरणादायक स्लोगनों के पोस्टर व पोटेर्ड लगाए हैं। जिनको कुछ मिनट के लिए पीडि़ता सहित अन्य लोगों को पढ़ाया जाता है। जिससे लोगों की नेगेटिव को सोच को पोजेटिव सोच में बदलने का प्रयास किया जा सके।

यहां आने वाले परिवारों के लोग विवादों को लेकर एक-दूसरे से कुंठित होते हैं और उनकी मानसिक स्थिति को सकारात्मक सोच के लिए ऐसा प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ऐसे परिवार के लोगों को सोशल मीडिया पर आने वाले वीडियो देखने व किताबें पढऩे के लिए भी प्रेरित किया जाता है। जिसमें परिवार के विघटन से बच्चों व दोनों परिवारों पर पडऩे वाले विपरीत प्रभाव को समझाया जा सके।

मोटिवेशन के स्लोगनों से पड़ता है दिमाग पर असर

- राजकीय चिकित्सालय के डिप्टी कंट्रोलर डॉ. प्रेम बजाज का कहना है कि प्रेरणादाय व मोटिवेशन करने वाले स्लोगन व्यक्ति के दिमाग पर कम या ज्यादा असर जरुर डालते हैं। जबकि व्यक्ति की किसी परेशानी या दिक्कत में फंसा हो तो ऐसे वाक्य उसे रास्ता दिखाने का कार्य करते हैं।

पुलिस की ओर से की गई इस पहल का फर्क जरुर पड़ता है। थाना ऐसा स्थान है, जहां व्यक्ति अधिक परेशान होता है तो जाता है। उसके साथ वालों की भी मानसिक स्थिति पीडि़त जैसी ही होती है। जिस तरह से बीमार व्यक्ति डॉक्टर व परिजनों के मोटिवेशन से जल्द स्वस्थ होता है।

इनका कहना है

- थाने में परिवारों को संबल व समझाइस के लिए मोटिवेशनल स्लोगन आदि के पोस्टर व पोर्टेड लगाए गए हैं। जिसे काउंसलिंग में आने वाले लोगों को पढ़ाया जाता है। इसके अलावा उनको इस तरह की किताबें पढऩे व सोशल मीडिया पर मोटिवेशन के वीडियो आदि देखने की भी सलाह दी जाती है।

आनंद कुमार, थाना प्रभारी महिला थाना श्रीगंगानगर।

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