रोडवेज डिपो व्यवस्था में सुधार की हिदायत

-राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के एमडी जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर आवश्यक निर्देश दिए

By: Krishan chauhan

Published: 24 Jul 2020, 10:12 AM IST

रोडवेज डिपो व्यवस्था में सुधार की हिदायत

-राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के एमडी जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर आवश्यक निदेज़्श दिए
श्रीगंगानगर. राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नवीन जैन ने गुरुवार को रोडवेज के सभी आगारों एवं केन्द्रीय बस स्टैंड के मुख्य प्रबंधकों के साथ वीडियो कॉन्फे्रंसिंग कर आय प्रति किलोमीटर, अवैध प्राइवेट बस संचालन, चालक-परिचालकों के बकाया साप्ताहिक विश्राम, बकाया पेंशन प्रकरण एवं सीपीएफ व जीपीएफ के खाते पूणज़् करने पर चचाज़् कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसमें श्रीगंगानगर आगार के मुख्य प्रबंधक अवधेश शमाज़्, प्रबंधक यातायात रवि पूनिया, प्रबंधक संचालन कमज़्सिंह चौहान, प्रबंधक प्रशासन नरेंद्र राणा व प्रबंधक वित्त धरीज कुमार सैन भी शामिल हुए। सीएमडी जैन ने समीक्षा बैठक में मुख्य प्रबन्धकों को निदेज़्श दिया कि मुख्य प्रबन्धक व आगार के अन्य प्रबन्धक रोजाना सांयकाल बैठक कर संचालित की जा रही बसों की प्राप्त हो रही आय की समीक्षा करेंगे।

पूछताछ पर शिकायतें मिल रही
मुख्यालय में इस प्रकार की शिकायतें आती रहती है कि पूछताछ के लिए कमज़्चारी लगा तो दिए हंै लेकिन होते नहीं है या फि र सही से यात्रियों को जानकारी नहीं देते हैं। बहुत सारी जगह विलंब से आने वाली बसों की सूचना नहीं दी जाती है। इसलिए सभी बस स्टैंडों पर पूछताछ कक्ष से बसों के आवागमन की उद्घोषणा कर यात्रियों को सूचित करने की पुख्ता व्यवस्था की जाए। सभी मुख्य प्रबन्धक अपने क्षेत्र में संचालित अवैध निजी बसों पर कारज़्वाई करने के लिए डीटीओ आरटीओं को पत्र लिखकर सूचित करेंगे। इसकी सूचना मुख्यालय पर भी नियमित रूप से देने की हिदायत दी गई।

जीपीएफ खाता का रेकॉर्ड किया जाए पूरा
11 जुलाई 2020 से पूरे राजस्थान में लागू की गई समय पालक व्यवस्था की समीक्षा की गई और यह अपेक्षा की गई कि लोग इसको यथावत जारी रखेंगे। कुछ आगारों में शिकायत मिलने के कारण सीएमडी ने यह भी निदेज़्श दिए कि आगारों में मुख्यालय से लगाए गए समय पालकों की ओर से बनाए गए ड्यूटी चाट्सज़् में अन्य कोई कमज़्चारी दखल नही दें। इसके साथ ही सीएमडी ने कहा कि कमज़्चारी सीपीएफ व जीपीएफ खाते पूणज़् नहीं होने की शिकायत लेकर मुख्यालय आते हैं और आगारों के प्रबन्धक (वित्त) सीपीएफ व जीपीएफ खातें पूणज़् नही करवा रहे हैं।सीएमडी ने पेंशन परिवादों के सम्बन्ध में भी जानकारी ली और अपेक्षा की कि आगार स्तर पर बिना कारण पेंशन के प्रकरणों को नहीं रोका जाए।

Krishan chauhan Reporting
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