पुलिस की नौकरी छोडकऱ शारीरिक शिक्षक बन खिलाडिय़ों को तराशा

police service leaving: पुलिस की नौकरी छोडकऱ यह गांव 30 एपीडी. में शारीरिक शिक्षक बन गए। इनकी मेहनत रंग लाई और इनके द्वारा प्रशिक्षित दिए हुए अनेक खिलाड़ी राज्य तथा राष्ट्र स्तर पर खेल चुके है तथा कुछ विद्यार्थियों का चयन स्पोटर्स कोटे से राजकीय सेवा में भी हुआ है।

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-शारीरिक शिक्षक देवीलाल बिश्नोई ने खिलाडिय़ों को दिलाई अलग पहचान
अनूपगढ़।

ग्राम पंचायत 30 एपीडी. के सरकारी स्कूल ( Government school ) के 14 वर्षीय छात्र तथा छात्रा वर्ग की वॉलीवाल टीम को लगातार क्रमश 8 व 9 बार जिला स्तर पर विजेता बनाने वाले शारीरिक शिक्षक देवीलाल बिश्नोई की टीमों ने जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है।

देवीलाल बिश्नोई को खेल कोटे से पुलिस की नौकरी मिली थी लेकिन उनकी पहली पसंद शारीरिक शिक्षक ( Physical teacher ) बन खेल के क्षेत्र मेंं युवाओं के लिए अलग पहचान दिलाना था। वर्ष1995 में पुलिस की नौकरी छोडकऱ यह गांव 30 एपीडी. में शारीरिक शिक्षक बन गए। इनकी मेहनत रंग लाई और इनके द्वारा प्रशिक्षित दिए हुए अनेक खिलाड़ी ( players ) राज्य तथा राष्ट्र स्तर पर खेल चुके है तथा कुछ विद्यार्थियों का चयन स्पोटर्स कोटे से राजकीय सेवा में भी हुआ है।

मूल रूप से हनुमानगढ़ के पास मैनावाली निवासी देवीलाल बिश्नोई ने 1995 में गांव 30 ए.पी.डी. में शरीरिक शिक्षक के पद पर सरकारी विद्यालय में पद गृहण किया था। इससे पूर्व इस गांव मेंं फिजीकल टीचर की कोई पोस्ट नहीं थी तथा गांव में खेलकूद के प्रति जागरुकता का भी अभाव था। ( anoopgarh news )

गांव में 2 वर्ष तक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के बाद विद्यालय की कबड्डी टीम तैयार की और पहले ही वर्ष टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाया। उन्होंने 14 वर्षीय छात्र तथा छात्रा वर्ग टीम को तैयार कर प्रशिक्षण दिया। यह छात्रा वर्ग की टीमों ने 2002 से लेकर 2011 तक लगातार 9 वर्ष जिला स्तरीय प्रतियोगिता में ट्राफी अपने नाम की। इस दौरान यह टीमें 4 बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उपविजेता रही तथा 2 बार तृतीय स्थान पर रही।

इसी प्रकार छात्र वर्ग में 2002 से 2010 तक जिला स्तरीय प्रतियोगिता जीतने तथा 2 बार उपविजेता रहने के बाद 2 बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता अपने नाम की तथा 3 बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उपविजेता रही। 2002-03 में राजस्थान की वॉलीबॉल टीम को पहली बार राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मैडल भी मिला।

इस टीम ने बिश्नोई से प्रशिक्षण प्राप्त एक छात्रा शामिल थी। इस प्रतियोगिताओं के दौरान 11 छात्राओं व 9 छात्राओं का चयन राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में हुआ था जिनको गोल्ड सिल्वर तथा बा्रंज पदक मिले थे।

Rajaender pal nikka Photographer
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