श्रीगंगानगर में लॉक डाउन का व्यापक असर अब पशुओं पर भारी असर, एक हजार निराश्रित पशु खाने को तरसे

Massive impact of lock down in Sriganganagar, now huge impact on animals,शहर के विभिन्न गली मोहल्ले में घूम रहे निराश्रित पशुओं के समक्ष अब खाने का संकट खड़ा हो गया है।

श्रीगंगानगर. शहर के विभिन्न गली मोहल्ले में घूम रहे निराश्रित पशुओं के समक्ष अब खाने का संकट खड़ा हो गया है। श्रद्धालू हरे चारे की टाल पर जाकर दान पुण्य करते थे, इससे इन पशुओ का पेट भरता था। लेकिन लॉक डाउन के कारण चारे की टाले बंद हो गई है, वहीं श्रद्धालुआंे को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया र्है।

एसे मे इन पशुओं को खाने की व्यवस्था अधिक मुसीबत बनी हुई है। शहर में पदमपुर रोड कल्याण भूमि के पास, बीरबल चौक, शिव चौक, चहल चौक क्षेत्र, जी ब्लॉक, हनुमानगढ़ रोड अंध विद्यालय के पास, पुरानी आबादी टावर रोड, ट्रक यूनियन पुलिया रोड, कोडा चौक आदि में आवारा पशुओं का अधिक जमावड़ा रहता है, इन एरिया में हरे चारे की टालें है। अब इन टालों के बंद होने से इन पशुओं को पेट भरने की चुनौती बन गई है। स्वास्थ्य अधिकारी का दावा है कि शहर में करीब एक हजार एसे आवारा पशु है जो अलग अलग वार्डो मे विचरित है।
कोरोना वायरस संक्रमण से पूरा इलाका लॉक डाउन है, इसके बावजूद नगर परिषद ने आवारा पशुआें की धरपकड़ की मुहिम शुरू की है। बुधवार को सेतिया कॉलोनी में नगर परिषद अमले ने ११ आवारा पशुओं की धरपकड़ की गई।

इन पशुओं को मिर्जेवाला के पास नगर परिषद की नंदीशाला में भिजवाया गया। स्वास्थ्य अधिकारी गौतमलाल ने बताया कि कैटल फ्री सिटी करने के लिए नगर परिषद की अलग अलग टीमों को अब आवारा पशुआें की धरपकड़ के लिए लगाया जा रहा है। लॉक डाउन के दौरान यातायात बाधित होने की समस्या भी नहीं है, एसे में निराश्रित पशुओं को पकडऩे में आसानी है।

पकड़े गए निराश्रित पशुओं को नंदीशाला को हरे चारे की व्यवस्था हो रही है। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अब बीरबल चौक, शिव चौक, चहल चौक क्षेत्र से भी आवारा पशुओं को पकड़ा जाएगा।

surender ojha Reporting
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