पानी के लिए लाखों खच...र्नतीजा खाली टंकी

श्रीकरणपुर. जल संरक्षण व पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन कस्बे से महज दो किमी दूर गांव मौड़ां की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए करीब सात साल पहले बनी ओवर हैड टंकी को आज तक शुरू नहीं किया जा सका।

By: sadhu singh

Published: 25 Nov 2019, 01:47 AM IST

श्रीकरणपुर. जल संरक्षण व पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन कस्बे से महज दो किमी दूर गांव मौड़ां की पेयजल समस्या के निराकरण के लिए करीब सात साल पहले बनी ओवर हैड टंकी को आज तक शुरू नहीं किया जा सका।
लाखों रुपए की लागत से बनी टंकी शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों में काफी निराशा है। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेदों व द्वेषता के चलते आमजन परेशानी झेल रहा है। वहीं टंकी की गुणवत्ता भी बिगड़ रही है। जनप्रतिनिधि इसे विभागीय खामी बता रहे हैं। तो उधर, विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पर्याप्त बजट के अभाव में टंकी के संचालन में देरी जरूर हुई। लेकिन अब चार माह से इसे ग्राम पंचायत टेक ओवर नहीं कर रही।
कौन सुनेगा, किसको सुनाएं...
ग्राम पंचायत 46 एफ मौड़ां के कामरेड महेन्द्र सिंह, अमृतपाल सिंह, चरण सिंह, संदीप कौर आदि ने बताया कि गांव में करीब सात साल पहले टंकी बनाई गई लेकिन इसे आज तक शुरू नहीं किया जा सका। करीब साढ़े 5 साल पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आगमन पर 21 जून 2014 को गांव मौड़ां में आए तत्कालीन मुख्य सचिव राजीव महर्षि के सामने पेयजल व्यवस्था सुचारू करने की मांग उठाई। मुख्य सचिव ने जिला कलक्टर को समस्या के निराकरण के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद समस्या जस की तस है। वर्तमान विधायक गुरमीतसिंह कुन्नर को भी समस्या से अवगत करवाया गया है।


महज तीन घरों का कनेक्शन

'लंबे अर्से के बाद हजारों लीटर क्षमता की तैयार टंकी का महज तीन घरों के लिए जलापूर्ति का कनेक्शन है। ऐसे में टंकी कैसे टेक ओवर की जा सकती है। पूरे गांव को फायदा पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों को पुरानी पाइपों से कनेक्शन करने का आग्रह किया है। जेइएन मोहित गोयल ने पूरे गांव में वितरण के लिए करीब 17 लाख रुपए का खर्च बताया है। ग्राम पंचायत के पास फिलहाल इतना बजट उपलब्ध नहीं है।
भंवरलाल मेघवाल सरपंच, ग्राम पंचायत मौड़ां

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ग्राम पंचायत नहीं कर रही टेकओवर

'गांव मौड़ां में बीएडीपी योजनान्तर्गत मिनी वाटर वक्र्स बनाया गया है। अनुमानित बजट हिस्सोंं में मिलने से निर्माण देरी हुई। विद्युत कनेक्शन होने पर चार माह पहले टंकी को भरकर परीक्षण किया जा चुका है और कोई कार्य शेष नहीं है। फिलहाल करीब आधे गांव को जलापूर्ति की जा सकती है। गांव की आंतरिक जल वितरण प्रणाली में खामी बताते हुए ग्राम पंचायत इसे अपने अधिकार में नहीं ले रही। इस संबंध में बीडीओ को अवगत करवा दिया है।Ó
पृथ्वीराज किलाणियां, एइएन जलदाय विभाग श्रीकरणपुर।

sadhu singh Desk
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