मंत्रालयिक कर्मचारी भी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर

जिला परिषद में धरना लगाया, कलक्टर को ज्ञापन दिया

 

By: vikas meel

Published: 24 May 2018, 10:10 PM IST

-पंचायत समिति व जिला परिषद में छाया रहा सन्नाटा

- ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य हो रहा है प्रभावित

श्रीगंगानगर.

कनिष्ठ लिपिक और वरिष्ठ लिपिक सामूहिक अवकाश पर चले जाने पर पंचायत समिति और जिला परिषद में गुरुवार को सन्नाटा छाया रहा। मनरेगा कार्मिक पहले ही हड़ताल पर है और अब पंचायतीराज विभाग के समस्त मंत्रालयिक कर्मचारी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर आ गए। इन सभी कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से जिला परिषद परिषद में धरना लगाकर विरोध प्रकट किया। इस बीच कर्मियों ने कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर को विभिन्न मांगों का निस्तारण करने के लिए ज्ञापन दिया गया।

 

पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से गांधीवादी तरीके से आंदोल कर रहे हैं। लेकिन कार्यरत 12 हजार कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए कैडर रिव्यू व साढ़े चार साल से अधूरी पड़ी कनिष्ठ लिपिक भर्ती को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा अंर्तजिला स्थानांतरण मं शिथिलन देने सहित अन्य मांगों पर भी संवर्ग के कार्मिक पिछले चार सालों से आंदोलनरत है।

 

राजस्थान पंचायत राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेंद्र वर्मा के अनुसर मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी मांगों के संबंध में उचित आदेश जारी नहीं होने तक अवकाश पर रहेंगे तथा जिले भर में ग्राम पंचायतों व पंचायत समितियों में सामूहिक अवकाश पर गए मंत्रालयिक कर्मचारियों ने धरना शुरू कर रखा है। संगठन के अनुसार वर्तमान में राज्य भर में पंचायती राज विभाग में साढ़े बाहर हजार कर्मचारी कार्यरत है। जबकि पदोन्न्ति के लिए मात्र 631 पद ही उपलब्ध है। पिछले साढ़े चार साल से कनिष्ठ लिपिक भर्ती प्रक्रिया अधर में है जबकि करीब आठ हजार पद विभाग के रिक्त चल रहे हैं। महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रणजीत सिंह, राय साहब,कपिल असड़ी, छिंद्रपालसिंह, मोहन रिवाड़, गगनदीप सिंह, सतीश कुमार, पंकज चारण, रणीवर सिंह, भावना, महेंद्रा,प्रतीक्षा, व बलविंद्र वीरेंद्र जाखड़ व प्रदीप भाटी आदि शामिल हुए।

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