नवरात्र विशेष: सड़क से सरहद तक हमारी सुरक्षा में तैनात हैं बेटियां

-हर परिस्थितियों से जूझने का रखती हैं हौसला

By: Raj Singh

Updated: 07 Oct 2021, 10:43 AM IST

राजसिंह शेखावत. श्रीगंगानगर. सडक़ से लेकर सरहद तक सुरक्षा में तैनात हमारी बेटियां आंधी, बारिश,गर्मी में हमारी सेवा व सुरक्षा में जुटी रहती है। सीमा पर तैनात हमारी बेटियां दुर्गा के रूप में दुश्मन का मुकाबला कर हमारी रक्षा करतीं है।

सीमा सुरक्षा बल हो या पुलिस, आरएसी, फायर फायटिंग, सेना, होमगार्ड, निजी सुरक्षा गार्ड और बाउंसर तक का जिम्मा नारीशक्ति संभाल रही है। श्रीगंगानगर जिले में भी बीएसएफ, आरएसी, पुलिस, फायर फायटिंग, होमगार्ड और निजी सुरक्षा गार्ड में महिलाएं अपना दायित्व बखूबी निभा रही है।

बीएसएफ- सीमा सुरक्षा बल में जिले में करीब 200 महिलाएं शामिल हैं। जो पुरुष जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीमा पर दिन-रात चौकसी करती हैं। वे न सिर्फ घुसपैठियों और तस्करों पर नजर रखती हैं। सर्च अभियानों, निगरानी, गश्त में शामिल होती हैं। ये सभी महिलाएं आधुनिक हथियारों से लैस रहती हैं।

पुलिस- जिले में पुलिस विभाग में करीब 225 महिला पुलिसकर्मी मौजूद हैं, जिसमें अधिकारी से लेकर कांस्टेबल तक तैनात है। जो थानों में मुकदमों की जांच, गार्ड ड्यूटी, महिलाओं से जुड़े मामले में गिरफ्तारी, आंदोलनों में ड्यूटी, दिन व रात की गश्त। धरपकड़ अभियानों में शामिल रहती हैं।

आरएसी- जिले में तैनात आरएसी की कंपनी में फिलहाल चार महिला कांस्टेबल तैनात है। जो कानून व्यवस्थाएं बनाए रखने, लाइन में गार्ड ड्यूटी, आंदोलन आदि में व्यवस्था बनाने के लिए तैनात की जाती हैं।

फायर फायटिंग- यहां फायर स्टेशन पर फायर फायटिंग में चार महिलाएं तैनात है। जो आग लगने सहित अन्य घटनाओं के समय फायर फायटिंग सहित अन्य ड्यूटी को अंजाम देती है। आंदोलन आदि के समय भी इनको तैनात किया जाता है।

होमगार्ड- होमगार्ड में करीब 33 महिलाएं कार्यरत हैं। इन महिलाओं की ड्यूटी चुनाव कार्य, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था आदि में लगाई जाती है।

शक्ति दल- पुलिस की महिला कांस्टेबलों का एक दल है। जिसमें करीब दस महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। जो कॉलेज, कोचिंग संस्थानों के बाहर, बाजारों आदि में छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने, धरपकड़ करने व गश्त आदि के लिए कार्य करता है। इसमें महिला पुलिसकर्मी बाइकों पर सवार रहती हैं।

बाउंसर- जिले में बाउंसर महिला तो नहीं लेकिन यहां लोग शादी-ब्याह सहित बड़े आयोजनों में पंजाब से इन्हें बुलाते हैं। धीरे-धीरे महिला बाउंसर लाने का चलन बढ़ रहा है।

सुरक्षा गार्ड- जिले में विभिन्न निजी सुरक्षा एजेंसियों में करीब दस महिलाएं गार्ड लगाई हुई है। जिनको विभिन्न प्रतिष्ठानों या घरों की सुरक्षा में तैनात किया जाता है।

Raj Singh Reporting
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