अगले महीने सरकारी मेडिकल कॉलेज का होगा शिलान्यास

Next month the foundation stone of the Government Medical College will be- निर्माण स्थल के आसपास पुरानी बिल्डिंग भी हटाई

By: surender ojha

Published: 05 Feb 2021, 01:05 PM IST

श्रीगंंगानगर. करीब आठ साल से अधर में पड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण इस साल बन जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए बजट भी जारी कर चुकी है। वहीं निर्माण एजेंसी राजस्थान स्टेट रोड डेवलेपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉपोरेशन लिमिटेड (आरएसआरडीसीसी) की ओर से निर्माण स्थल के आसपास पुरानी बिल्डिंग को हटा भी दिया गया है।

इसमें सूरतगढ़ रोड पर नगर परिषद की गौशाला का भवन भी शामिल है। इस निर्माण एजेंसी को राजकीय जिला चिकित्सालय की ९.०४३ हेक्टेयर भूमि का कब्जा पहले ही दिया जा चुका है। डीपीआर बनकर तैयार भी हो चुकी है। मार्च में फिर से इस भवन का शिलान्यास किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री का दौरा बन सकता है।

पिछले साल राज्य सरकार की बजट घोषणा होने और केंद्र सरकार की ओर से बजट की स्वीकृति होने की वजह से श्रीगंगानगर के जिला अस्पताल परिसर में सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण इस साल बनना शुरू हो जाएगा, इससे इलाके की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बन जाएगी। वहीं कई लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद इस सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए व्यक्तिगत रूचि रख रहे है। विधायक राजकुमार गौड़ ने मुख्यमंत्री से इस कॉलेज निर्माण से शुरू होने से पहले सभी सरकारी स्तर की औपचारिकताएं पूरी कराने के लिए दवाब बनाया था, इसका असर भी दिखा है।
वर्ष 2013 को शिलान्यास के बाद अटकी राह मेडिकल कॉलेज का निर्माण कांग्रेस की पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में होना था। तब राज्य सरकार ने सेठ मेघराज जिंदल चेरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी बीडी अग्रवाल के साथ 14 जून 2013 को मेडिकल निर्माण का एमओयू किया था। तब प्रोजेक्ट की लागत 215 करोड़ रुपए थी।

उस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 12 सितंबर 2013 को जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज के भवन का शिलान्यास भी किया था। इसके चंद दिनों उपरांत विधानसभा चुनाव की चुनाव आचार संहिता लगने की वजह से कॉलेज का निर्माण अटक गया। वर्ष २०१३ में प्रदेश में भाजपा सरकार आई तो एमओयू को लेकर बीडी अग्रवाल और तत्कालीन भाजपा सरकार के बीच गतिरोध बना रहा। वर्ष 2018 में कांग्रेस की पुन: सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष २०१९ के राज्य बजट के दौरान श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण कराने की घोषणा की तो इलाके में इस मेडिकल कॉलेज निर्माण की उम्मीदें फिर जाग उठी।

वित्तीय वर्ष 31मार्च 2020 से पहले ही कॉलेज के भवन का निर्माण शुरू होने की तैयारियां की गई। लेकिन पिछले साल फरवरी में कोरोना संक्रमण शुरू होने से अन्य योजनाओं की तरह मेडिकल कॉलेज का निर्माण भी शुरू नहीं हो सका। कोरोनाकाल में विधायक गौड़ ने फिर सीएम को कॉलेज निर्माण कराने के लिए मांग की तो इसका असर दिखने लगा। सरकार ने तत्काल निर्माण एजेंसी गठित कर निर्माण कार्य कराने की हरी झंडी दे दी। निर्माण पर ३२५ करोड़ रुपए का बजट राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने केंद्र प्रायोजित योजना में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 325 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया।

इसमें केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि वहन करेगी। मेडिकल कॉलेज निमाज़्ण के बजट में केंद्र सरकार की 195 करोड़ रुपए और राज्य सरकार की 130 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी होगी। राज्य सरकार ने बजट प्रावधान कर दिया हे। केंद्र की ओर से बजट पहले ही स्वीकृत किया हुआ है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण करने के उपरांत वर्ष 2022 में एमबीबीएस का पहला सत्र शुरू करने की योजना है। इसके लिए सरकार ने निर्माण कार्य को पूरा कराने पर जोर दिया है।

इस प्रोजेक्ट के लिए खास बात यह रही कि केन्द्र और राज्य सरकारें बजट का प्रावधान भी कर चुकी है और राजकीय जिला चिकित्सालय में ९.०४३ हेक्टेयर भूमि भी निर्माण एजेंसी को सुपुर्द की जा चुकी है। अब जल्द ही सरकार केंद्र के साथ नया एमओयू कर लेगी।

surender ojha Reporting
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