महंगाई का असर: अब सरकारी निर्माण कार्यो में भवन निर्माण सामग्री और मजदूरी में एकाएक इजाफा

Influence of inflation: now a sudden increase in building materials and wages- जिला दर निर्णायक समिति की बैठक में मूल्यवृद्धि पर लगाई मुहर

By: surender ojha

Published: 19 Mar 2021, 10:08 PM IST

श्रीगंगानगर. पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सरकारी निर्माण कार्यो पर अब दिखने लगेगा। सरकारी निर्माण कार्यो में कारीगरों और मजदूरों की मजदूरी और भवन निर्माण सामग्री खरीदने की दरों में इजाफा करने पर अब जिला प्रशासन ने मुहर लगा दी है।

कलक्ट्रेट सभागार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत विभिन्न निर्माण कार्यो को पूरा कराने के लिए गठित जिला दर निर्णायक समिति की बैठक में भवन निर्माण सामग्री और मजदूरी की दरों को बढ़ाने पर सहमति दे दी। इस बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष और जिला कलक्टर ने की।

अधिकारियों का कहना था कि पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी होने से बाजार में भवन निर्माण सामग्री और मजदूरी की दरों में भी वृद्धि हो गई है, एेसे में निर्माण कार्यो में पुरानी दरों में बदलाव करने की जरुरत है। समिति में शामिल विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने दरों में इजाफा करने पर सहमति दे दी।

इस बैठक में जिला परिषद के सीइओ अशोक कुमार मीणा, एसीईओ मुकेश बारेठ, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता बलराम शर्मा, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रदीप रूस्तगी, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पवन कुमार यादव और ब्लॉक स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
कलक्टर ने बताया कि कारीगर की दरें 600 रुपए प्रतिदिन, प्लम्बर आदि मिस्त्री 450 रुपए, वॉयरमेन 450 रुपए, अद्र्धकुशल श्रमिक की मजदूरी 237 रुपए तय की है। इसी प्रकार गारा मिट्टी 100 रुपए घन मीटर, सीमेन्ट 360 रुपए प्रति बैग, सफेद सीमेन्ट 900 रुपए प्रति बैग, रेत बजरी 900 रुपए घन मीटर, बजरी 900 रुपए घन मीटर, राखी 225 रुपए घन मीटर की दर रहेगी। वहीं पत्थर की ग्रीट 40 एमएम 1260 रुपए घन मीटर, ईंट की गिट्टी 315 रुपए घन मीटर, क्रेशर से टूट पत्थर की रोड़ी 1000 रुपए घन मीटर, पत्थर की चीप 326 रुपए प्रति घन मीटर, फर्श पर पत्थर लगाई २५० रुपए, बिना पॉलिश का कोटा स्टोन 270 रुपए वर्गमीटर, मार्बल पत्थर मकराना 900 वर्गसेंटीमीटर, मार्बल पत्थर 450 रुपए वर्गमीटर, पत्थर की चौगाट 100 रुपए प्रति मीटर, स्थानीय लकड़ी में आम की लकड़ी 19 हजार 900 रुपए प्रति घन मीटर, बबूल की लकड़ी 17 हजार 900 रुपए प्रति घन मीटर औरा अन्य 31 हजार 800 रुपए प्रति घन मीटर की दर निर्धारित की है।
इस बीच निर्माण कार्यो में इस्तेमाल आने वाली ईंट अब चार रुपए प्रति ईंट की दर निर्धारित की गई है। पिछले साल यह ईंट साढ़े तीन रुपए प्रति ईंट की दर थी। लेकिन इस साल ईंटों की खरीदने के लिए भी समिति ने ईंट 4000 रुपए प्रति हजार की दर निर्धारित कर दी है। इसके अलावा लकड़ी, लोहा और रंग रोगन के कार्यो की दरों में बढ़ोत्तरी की है।

इसमें फैक्ट्री में बने दरवाजें 30 एमएम मोटाई 1143 रुपए प्रति वर्गमीटर, लोहा 60 रुपए प्रति किलो, बाईंडिंग वायर 70 रुपए किलोग्राम, लोहे के गार्डर 60 रुपए प्रति किलो, चोकोर सरिया 60 रुपए प्रति किलो, कांटेदार लोहे का तार 65 रुपए प्रति किलोग्राम, लोहे की जाली 240 रुपए वर्गमीटर, कलर इनामिल पेन्ट 225 रुपए प्रति लीटर, डिस्टेम्पर 65 रुपए प्रति लीटर की दर तय की है।

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