अब प्रत्येक वार्ड के लिए होगा बजट में प्रावधान

Now there will be a provision in the budget for each ward- हंगामेदारी होगी नगर परिषद बोर्ड की बजट बैठक

By: surender ojha

Published: 19 Mar 2021, 01:29 PM IST

श्रीगंगानगर. नगर परिषद प्रशासन अब प्रत्येक वार्ड के लिए बजट निर्धारित करेगा। इस पर मुहर नगर परिषद बोर्ड की बजट बैठक में लगने की संभावना है। बोर्ड की बजट बैठक चौबीस पार्षदों में अमूमन तौर पर शिकायत रहती है कि सत्ता पक्ष अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पूरा बजट उन्हीं वार्डो में खर्च करता है जिनके वार्ड के पार्षद सत्ता पक्ष को समर्थन दे रहे है या सत्ता पक्ष में है।

विपक्षी खेमे के पार्षदों के संबंधित वार्डो में बजट की एक फूटी कौड़ी भी खर्च नहीं होती। यही वजह है कि पिछले चौदह माह के कार्यकाल में सत्ता पक्ष ने विपक्षी खेमे के वार्डो में काम कराने पर अड़ंगा डाल दिया है।

इसका खमियाजा वहां के वार्डवासियों को भुगतना पड़ रहा है। यहां तक कि सफाई कर्मचारियों के लगाने में सत्ता पक्ष की मनमानी हावी रही है। इस मुद्दे को लेकर कई बार सभापति और तत्कालीन आयुक्त से पार्षदों की तकरारें भी हुई।

यहां तक कि कई पार्षदों को धरना तक लगाने को मजबूर किया गया। लेकिन अब एेसा नहीं होगा। नए आयुक्त सचिन यादव के समक्ष अधिकांश पार्षदों ने समान रूप से प्रत्येक वार्ड का बजट निर्धारित करने का सुझाव दिया है।

इस सुझाव को अब मूर्तरूप दिया जाएगा। चौबीस मार्च को होने वाली यह बैठक हंगामेदार होने के आसार है।
पार्षदों का कहना था कि नगर परिषद की ओर से अग्रसेननगर, जवाहरनगर सैक्टर चार व पांच, के ब्लॉक, जे ब्लॉक, जी ब्लॉक, एल ब्लाक, बाजार एरिया, पुरानी आबादी के अधिकांश इलाके, सेतिया कॉलोनी का कुछ एरिया, इंदिरा चौक एरिया के वार्डो में बजट से अधिक निर्माण कार्य हुए है। इन इलाके के वार्डो में बजट का अधिकांश हिस्से से निर्माण कार्यो और सफाई कार्यो पर खर्च किया गया है।

जबकि विपक्षी खेमे के चहल चौक, प्रेमनगर, जवाहरनगर सैक्टर छह, दो, सात और आठ, विनोबा बस्ती, हाउसिंग बोर्ड, रविदासनगर, इंदिरा कॉलोनी, गणपतिनगर, पूजा कॉलोनी, एच ब्लॉक, पुरानी आबादी की धींगड़ा स्ट्रीट एरिया, श्रीकरणपुर रोड एरिया, भरतनगर, लेबर कॉलोनी आदि एरिया में सत्ता पक्ष के पार्षदों के संबंधित एरिया के मुकाबले कम काम हुए है।
नगर परिषद के इस बोर्ड के चौदह माह का समय बीत चुका है। लेकिन इस कार्यकाल में नगर परिषद बोर्ड की दो ही मीटिंग हो पाई है। ये दोनों मीटिंग की समय अवधि सिर्फ १३२ मिनट रही है। पहली बैठक ६ नवम्बर २०२० को हुई थी, जिसमें नेता प्रतिपक्ष बबीता गौड़ और तत्कालीन आयुक्त प्रियंका बुडानिया के बीच तकरार होने के कारण बीच में ही रोक दिया गया था, यह मीटिंग सिर्फ ७६ मिनट चली थी।

गौड़ को निलम्बित करने के लिए सभापति ने आपात बैठक दो दिन बाद ९ नवम्बर २०२० को बुलाई थी, इस मीटिंग की समय अवधि भी महज ५५ मिनट रही। कुल मिलाकर दोनों मीटिंग १३२ मिनट में जनहित की चर्चा कम और व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप अधिक हुए थे।

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