अब कौन बने बुढ़ापे की लाठी का सहारा

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कस्बे के वार्ड 4 निवासी छोटा सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर अपने गोद लिए हुए पुत्र को वापस दिलवाने की मांग करते हुए पत्र प्रेषित किया है। पत्र में लिखा गया है कि उसके तीन पुत्रियां और एक पुत्र था। दुर्भाग्यवश उसके पुत्र की मृत्यु हो गई। पुत्र की मृत्यु हो जाने के बाद उसने अपनी ही बेटी से उसका पुत्र गोद ले लिया। गोदनामा की संपूर्ण कागजी कार्रवाई भी कानूनी रूप से करवाई थी। अब वह बच्चा 14 वर्ष का हो गया था।

By: yogesh tiiwari

Updated: 06 Oct 2021, 03:08 AM IST

-दिव्यांग का गोद लिया पुत्र जन्मदाता दंपती ले गए

गजसिंहपुर (श्रीगंगानगर). कस्बे के वार्ड 4 निवासी छोटा सिंह ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर अपने गोद लिए हुए पुत्र को वापस दिलवाने की मांग करते हुए पत्र प्रेषित किया है। पत्र में लिखा गया है कि उसके तीन पुत्रियां और एक पुत्र था। दुर्भाग्यवश उसके पुत्र की मृत्यु हो गई। पुत्र की मृत्यु हो जाने के बाद उसने अपनी ही बेटी से उसका पुत्र गोद ले लिया। गोदनामा की संपूर्ण कागजी कार्रवाई भी कानूनी रूप से करवाई थी। अब वह बच्चा 14 वर्ष का हो गया था। इस बीच बच्चे के माता-पिता उसके विद्यालय पहुंचे और उसे वहीं से अपने घर ले गए। करीब चार माह से यह दिव्यांग दंपती विभिन्न अधिकारियों के दरवाजों पर अपने पुत्र को वापस दिलवाने की मांग करते हुए दर-दर भटक रहा है। उसका कहना है कि उसकी बुढ़ापे की बैसाखी उसका गोद लिया पुत्र था। अब वह कुछ समझदार हुआ तो उसके मां-बाप उसे उठाकर ले गए जिससे वह अत्यंत दुखी है। छोटा सिंह की उम्र 73 वर्ष है। दोनों पति-पत्नी दिव्यांग है।

yogesh tiiwari Desk
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