श्रीगंगानगर जिले में मनरेगा कार्यो पर कलक्टर के सवालों के आगे बेबस नजर आए अधिकारी

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By: surender ojha

Published: 19 Jan 2019, 09:00 PM IST

श्रीगंगानगर। ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा कार्यो की रोजाना अब मॉनीटरिंग होगी। इसके साथ साथ प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। इस मॉनीटरिंग के लिए सीईओ, बीडीओ, सचिव और जेटीओ कर सप्ताह में अपनी रिपोर्ट तैयार करनी होगी, ऐसा नहीं होने पर संबेंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कहना था जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते का।

वे शनिवार को जिला परिषद के अटल सेवा केन्द्र के सभागार में जिले की पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों, एईएन, जेईएन, एक्सईएन आदि अधिकारियों से पंचायतीराज कार्यो की समीक्षा में बोल रहे थे। करीब साढे तीन घंटे चली इस मैराथन बैठक में कलक्टर ने एक एक पंचायत समिति में अब तक हुए कार्यो का ब्यौरा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक हुई प्रगति और शेष रहने पात्रों की सूची उनके समक्ष पेश करने के निर्देश दिए।

कलक्टर ने मनरेगा कार्यो में आ रही शिथिलता के संबंध में फीडबैक मांगा। उनका कहना था कि वास्तविक मूल्यांकन और पक्के उपयोगी कार्यो पर फोकस किया जाएं ताकि पात्र को फायदा मिले। इसके साथ साथ एक सौ दिन से अधिक रोजागार नहीं दिए जाएंगे।

औसतन और बढ़ी हुई मजदूरी के संबंध में कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। वर्ष 2019-2020 के लिए बीएडीपी प्लान बनाने, एमपी, एलएलए लैण्ड और मुख्यमंत्री जल संवावलम्बन योजना आदि योजनाओं की तैयारी और अब तक हो चुके कार्यो की गणना करने के आदेश किए।
सीईओ अजीत सिंह का कहना था कि मनरेगा कार्यो के संबंध में आ रही मांग के अनुरुप अगले सात दिन में प्लान तैयार किया जाएगा। इस प्लान के अनुरुप प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में मनरेगा कार्यो में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए उन्होंने मनरेगा एक्सईएन प्रेम अग्रवाल को अधिकृत किया।

surender ojha Reporting
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