पुरानी लाइब्रेरी और हॉल की मरम्मत कर दे रहे विस्तार

-यह कार्य राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत हो रहा है।

By: pawan uppal

Published: 25 Apr 2018, 09:08 AM IST

श्रीगंगानगर.

सरकारी भवनों अथवा कॉलेजों में सामान्यत: कोई भवन पुराना होने पर उसे अनुपयोगी की श्रेणी में डाल नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाती है लेकिन श्रीगंगानगर के डॉ.भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में पुराने भवन की मरम्मत कर कॉलेज का विस्तार करवाया जा रहा है। यह कार्य राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत हो रहा है।


पुरानी लाइब्रेरी को नया लुक
इसके तहत कॉलेज के पुराने पुस्तकालय भवन को नया लुक दिया गया है। यह पुस्तकालय भवन वर्षों से बंद था तथा इसके आसपास गंदगी का साम्राज्य होने लगा था लेकिन रूसा में मिले बजट में इसकी मरम्मत की गई। इसकी छतों की मरम्मत साथ दीवारों को ठीक करवाकर फर्श नया लगवा दिया गया है। अब यह पुस्तकालयभवन नए रूप में नजर आने लगा है।

हॉल और कमरों का जीर्णोद्धार
इसके साथ ही कॉलेज के हॉल में भी नया फर्श और दीवारें बनाए गए हैं तथा इसके साथ नया मंच भी तैयार किया गया है। जिससे कि अपेक्षाकृत अधिक अतिथि मंच पर बैठ सकें। हॉल से जुड़े कुछ ऐसे कमरों की भी मरम्मत करवाई गई हैं जो वर्षों से बंद ही पड़े थे यानी इनका भी उपयोग नहीं हो रहा था तथा ये हॉल से सटे हुए थे। यहां किसी नाटक का मंचन होने की स्थिति में कलाकार सीधे मंच तक पहुंच सकता है। यानी कलाकारों के लिए इन कमरों का उपयोग हो सकता है। रूसा के तहत करीब दो करोड़ रुपए का बजट है, जिसमें मरम्मत के साथ छह नए कमरों का निर्माण भी करवाया गया है। इस राशि में मरम्मत करवाए कमरों में कुछ अन्य संसाधन भी जुटाए जाएंगे।


मरम्मत के लिए बजट
कॉलेज में कुछ कमरे ऐसे थे जिन्हें यदि थोड़ी मरम्मत करवा दी जाए तो उपयोग में लिया जा सकता था। रूसा के तहत बजट मिला तो छह नए कमरों का निर्माण करवाया और इन कमरों की मरम्मत करवा दी।
डॉ. रामसिंह राजावत, प्राचार्य, डॉ.भीमराव अंबेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, श्रीगंगानगर

Show More
pawan uppal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned