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एक कुर्सी और दो सीएमएचओ, चौबीस घंटे बाद भी संशय बरकरार

locationश्री गंगानगरPublished: Feb 29, 2024 11:21:32 pm

Submitted by:

surender ojha

One chair and two CMHOs, doubts persist even after 24 hours- सरकार के पास पहुंची हाइकोर्ट से स्टे की कॉपी, आज हो सकता हैँ निर्णय

एक कुर्सी और दो सीएमएचओ, चौबीस घंटे बाद भी संशय बरकरार

एक कुर्सी और दो सीएमएचओ, चौबीस घंटे बाद भी संशय बरकरार

#One chair and two CMHOs जिला मुख्यालय पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ का एक पद है जबकि अब दो अफसर हो गए हैं, ऐसे में हाइकोर्ट की कॉपी को स्वास्थ्य विभाग के जयपुर िस्थत निदेशालय भेजी गई हैं। हाइकोर्ट के आदेश जारी होने के चौबीस घंटे बाद भी संशय बना रहा। इस संबंध में शुक्रवार को राज्य सरकार निर्णय कर सकती हैं कि डा. सिंगला या डा. गुप्ता दोनों में से किसी एक को सीएमएचओ अधिकृत किया जाएगा। इधर, गुरुवार को सीएमएचओ डा. अजय सिंगला ने अपने अधीस्थों के साथ जिले में चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने के संबंध में मीटिंग की। दोपहर बाद डा. मनमोहन गुप्ता ने आकर राजस्थान उच्च न्यायालय की जारी किए गए स्टे की कॉपी जमा कराई। इस पर डा. अजय सिंगला को डा. गुप्ता की ओर से कॉपी को निदेशालय भिजवाया हैं। सिंगला का कहना है कि राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा गया हैं। इधर, गुप्ता को हाइकोर्ट ने सीएमएचओ बने रहने के आदेश जारी किए हैं। विदित रहे कि 23 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त शासन सचिव निमिषा गुप्ता को तबादला सूची जारी कर श्रीगंगानगर में डा. अजय सिंगला को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी लगाया था। इस पर अगले दिन 24 फरवरी को डा. सिंगला ने सीएमएचओ का पदभार ग्रहण भी कर लिया। डा. सिंगला पहले जिला परियोजना समन्वयक एवं प्रभारी अधिकारी जिला ड्रग वेयर हाउस में थे। सरकार की ओर से स्थानान्तरण सूची में डा. गुप्ता का तबादला किसी भी क्षेत्र में नहीं किया गया हैं, इस पहलू को गुप्ता ने स्टे का आधार बनाया।
इस आधार पर मिली गुप्ता को राहत

सीएमएचओ की कुर्सी विवाद की वजह रही हैं। पहले जब डा. नरेश बंसल सीएमएचओ को सरकार ने हटा दिया था लेकिन हाइकोर्ट के आदेश पर फिर से कुर्सी पर आकर काबिज हो गए। इसके बाद डा. गिरधारीलाल मेहरड़ा ने भी इस कुर्सी को छोड़ी नहीं तो वे हाइकोर्ट की शरण में चले गए। पिछले साल सीएमएचओ डा. मनमोहन गुप्ता को एपीओ किया तो वे भी हाइकोर्ट से स्टे लेकर आ गए। पांच दिन पहले सीएमएचओ की कुर्सी बदली तो गुप्ता ने जोधपुर हाइकोर्ट में जाकर रिट लगा दी। रिट पिटीशन होने के बाद गुप्ता को एपीओ किया गया तो कोर्ट ने इस प्रक्रिया को दूषित बताते हुए गुप्ता के पक्ष में स्टे दे दिया। गुप्ता करीब सवा साल में दो बार कोर्ट से राहत पा चुके हैँ।

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