ढाई साल से रॉ वाटर पी रहे रतनपुरा ग्राम पंचायत के लोग

रिडमलसर. रतनुपरा ग्राम पंचायत के तहत आने वाले पांच गांव व ढाणियों के लोग ढाई साल से रॉ वाटर पी रहे हैं। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं।
गांव में एक वाटरवक्र्स बना है, जो कि पांच गांवों व ढाणियों में पेयजल सप्लाई करता है।

रिडमलसर. रतनुपरा ग्राम पंचायत के तहत आने वाले पांच गांव व ढाणियों के लोग ढाई साल से रॉ वाटर पी रहे हैं। इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं।
गांव में एक वाटरवक्र्स बना है, जो कि पांच गांवों व ढाणियों में पेयजल सप्लाई करता है। इस वाटरवक्र्स में पिछले करीब तीन वर्षों में पानी में ब्लीचिंग पाउडर नहीं डाला गया और न ही वाटर फिल्टर की सार-संभाल हो रही है। हालांकि, पिछली सरकार ने वाटरवक्र्स की चारदीवारी, फिल्टर मरम्मत व पाइप के लिए 37 लाख रुपए मंजूर किए थे। लेकिन, इसके बावजूद लोग रॉ वाटर पीने को मजबूर हैं। वाटरवक्र्स में चार फिल्टर हैं, जिनमें घासफूस उग आए हैं। वाटरवक्र्स में पंचायत की ओर से नियुक्त कर्मचारी ने बताया कि पूर्व सरपंच की ओर से वाटरवक्र्स में एक डिग्गी बनाई गई थी। पाइप फिटिंग के लिए सेक्शन निकाली गई थी जो की मंजूर नहीं हुई। इस पर सारा काम अधरझूल में ही रह गया। पिछले तीन सालों से पीएचईडी की ओर से ब्लीचिंग पाउडर, लाल दवा आदि नहीं दी गई। इस कारण हम जैसा पानी नहर से डिग्गियों में स्टोरेज किया जा रहा है, वैसा ही हम घरों में सप्लाई करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पीएचईडी इस ग्राम पंचायत के लोगों की सेहत से सरेआम खिलवाड़ कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की 2019 तक की रिपोर्ट के अनुसार रतनपुरा ग्राम पंचायत में कैंसर के छह मरीज हैं। गौरतलब है कि पंजाब से आ रहे दूषित पानी को कैंसर का कारण माना जा रहा है। ऐसे में रॉ वाटर आपूर्ति से जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में विभाग के एक्सईएन जीडी सिंह ने बताया कि अगर ऐसा कुछ है तो मैं जेईएन व एईएन को मौके पर भेज कर जल्द ही समस्या का हल करवाया जाएगा।

sadhu singh Desk
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