श्रीगंगानगर में दूषित जलापूर्ति से पुलिस भी बेबस

श्रीगंगानगर में दूषित जलापूर्ति से पुलिस भी बेबस

Surender Kumar Ojha | Publish: Mar, 17 2019 09:50:50 PM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

श्रीगंगानगर। शहर में स्वच्छ और चौबीस घंटे जलापूर्ति का जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से किया जा रहा दावा अब कागजी बन गया है। गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति से आमजन के साथ साथ अब पुलिस कर्मी भी बेबस नजर आने लगे है।

सदर थाना समेत कई इलाके में दूषित पानी से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। रविवार को सदर पुलिस थाना परिसर में वहां सरकारी आवासों पर रहने वाले पुलिस कर्मियों के परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की।

इन लोगों का कहना था कि पिछले तीन दिन से दूषित पानी की आपूर्ति होने से जीना मुहाल हो चुका है। पुलिसकर्मियों ने अपने परिजनों की इस पीड़ा को अधिकारियों के माध्यम से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तक शिकायत की। लेकिन रोडवेज डिपो के पास पाइप लाइन लीकेज होने की वजह बताई जा रही है। इस संबंध में अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस बीच सदर थाने परिसर में पानी की टंकी जैसे पुलिस कर्मियों ने खोली तो वहां सीवर का पानी मिक्स आने लगा। इस पानी में इसी संड़ाध थी कि इसे हाथ में लेते ही ही बदबू मारने लगा।

इधर, श्रीराम कॉलोनी, गणेश कॉलोनी में ऐसे ही दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इन कॉलोनी के बांशिदों ने भी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
सदर थाने परिसर में रहने वाले पुलिस कर्मियों के समक्ष यह अधिक है। थाने में आरोपियों से रौब से बात करने के बाद जैसे ही डयूटी ऑफ कर घर लौटते है तो वहां दूषित पानी देखकर परिजन व्यंग्य कसते है।

ऐसे में अधिकांश पुलिस कमियों के तेवर ढीले हो रहे है। इस चक्कर में अपनी पीड़ा अधिकारियों के माध्यम से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तक पीड़ा तक पहुंचाई गई। कई लोगों से फोन भी कराए गए लेकिन पार नहीं पड़ी।
इस बीच जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से सिंधी कॉलोनी, मधुबन कॉलोनी, सरस्वती कॉलोनी प्रथम व द्वितीय, राज्य कर्मचारी कर्मचारी, एलआईसी कॉलोनी, नया चक, फ्रेंडस कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, शंकर कॉलोनी, मॉडल कॉलोनी का कुछ एरिया, महावीर कॉलोनी आदि में पेयजल की आपूर्ति नही हो रही है। इन कॉलोनियों में नियमित पानी की आपूर्ति बाधित र्है। इस कारण लोग मजबूरन अपने घरों में पीने के लिए टैंकरों को छह सौ सौ रुपए चुकाने को मजबूर है।

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