सियासत गहराई, सभापति चांडक पावर लैस!

सियासत गहराई, सभापति चांडक पावर लैस!

jainarayan purohit | Publish: Sep, 10 2018 11:18:24 AM (IST) Sri Ganganagar, Rajasthan, India

श्रीगंगानगर.

सीएम दौरे पर शहर की बिगड़ी व्यवस्था पर नगर परिषद आयुक्त सुनीता चौधरी को तत्काल एपीओ करने के बाद रविवार को सभापति अजय चांडक की पावरलैस करने की कवायद शुरू हो गई। संयुक्त शासन सचिव और डीएलबी निदेशक की अगुवाई में रविवार को उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम ने शहर में साढ़े २७ करोड़ रुपए के काम नगर परिषद के बजाय नगर विकास न्यास के माध्यम से कराने का निर्णय किया है।

परिषद सभापति चांडक के वित्तीय अधिकार रोकने के लिए बीकानेर ताज मोहम्मद राठौड़ को डीडीआर नियुक्त किया गया है। डीडीआर को अब नगर परिषद में होने वाले भुगतान का अधिकार दिया गया है। इतना ही नहीं उनके अधीन अब वार्डों की सफाई कराने के लिए अनुमति की जरूरत नहीं पड़ेगी। शहर के प्रत्येक दस वार्डों पर एक आरएएस अफसर को मॉनिटरिंग का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।

ज्ञात रहे कि चांडक के खिलाफ कदम उठाने के लिए नगर विकास न्यास अध्यक्ष संजय महिपाल ने सीएम से गुहार की थी। इसका असर यह रहा कि सीएम ने स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी को बुलाकर एक्शन लेने के निर्देश दिए थे।


सफाई ठेके में कथित धांधली, खंगाली फाइल
सीएम के आदेश पर पहुंचे स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पवन अरोड़ा ने बताया कि शहर के पचास में से १६ वार्डों में सफाई का कार्य ठेकेदार से करवाया जा रहा है। इस पर नगर परिषद प्रशासन ३ करोड़ ८८ लाख रुपए का सालाना भुगतान कर रही है। फर्म श्रीश्याम एसोसिएट को पिछले २ महीने में ४३ लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

इसके बावजूद ठेका व्यवस्था वाले सोलह वार्डों की सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से दी गई रिपोर्ट में करीब पौने ग्यारह लाख रुपए पैनल्टी लगाने का प्रस्ताव किया गया था, इस प्रस्ताव को मंजूर किया जा रहा है। पार्षदों ने शिकायत की थी कि यह फर्म छद्म नाम की है और रिमोट कंट्रोल सभापति के समर्थकों के हाथ में है।


पीडब्ल्यूडी बनवाएगी १७.६५ करोड़ की सडक़ें
संयुक्त शासन सचिव पीके गोयल ने बताया कि मीरा चौक से बीएसएफ सेक्टर मुख्यालय तक एसएसबी रोड के जीर्णोद्धार पर ६ करोड़ २१ लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसी तरह हनुमानगढ़ रोड पर चहल चौक से नाथांवाला के पास गंगनहर पुल तक सडक़ का विस्तार और मरम्मत के लिए ११ करोड़ ४४ लाख रुपए खर्च होंगे। इन दोनों सडक़ों के लिए नोडल एजेंसी सार्वजनिक निर्माण विभाग होगा।


जयपुर से आए उच्चाधिकारियों ने देखे शहर के हालात
सीएम की गौरव यात्रा जिला मुख्यालय के लिए सौगात लेकर आई है। इलाके की अनदेखी करने पर हाशिए पर आई भाजपा को इस दौरे से ऑक्सीजन मिली है। शहर की बिगड़ी हालात को देखने के लिए जयपुर से उच्च अधिकारियों की एक टीम रविवार को पहुंची और उन्होंने औचक निरीक्षण किया। संयुक्त शासन सचिव और डीएलबी निदेशक की अगुवाई में इस टीम ने अतिक्रमण और सफाई की बिगड़ी व्यवस्था को देखकर सवालों की झड़ी लगा दी। इस टीम ने सबसे पहले वार्ड २४ में गोलबाजार एरिया में नालों में पानी निकासी में आ रही अड़चन को देखा।

वहां पार्षद प्रदीप चौधरी ने इस टीम को बताया कि मुख्य बाजार का अधिकांश वार्ड एरिया होने के कारण सफाई कार्मिक नियमित नहीं आते। यहां तक कि कचरे का उठाव नहीं किया जाता। इसी प्रकार वार्ड चालीस में हाउसिंग बोर्ड और अशोक नगर एरिया में जर्जर पड़ी सडक़ों की हालत देखी। इसके साथ-साथ मौसम विभाग के पास पुराने और टूटे नाले से फैल रही गंदगी को देख इस टीम अधिकारियों ने नगर परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह से सवाल-जवाब भी किया। स्वास्थ्य अधिकारी का कहना था कि इस संबंध में उन्होंने भी आयुक्त और सभापति को कई बार अवगत भी कराया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

वहां छजगरिया बस्ती के लोगों ने इस नाले से निजात दिलाने की गुहार की। इसके बाद यह टीम वार्ड ४४ में बापूनगर गड्ढा क्षेत्र की सरकारी भूमि में अतिक्रमण देखने के लिए पहुंची। वहां पार्षदों का कहना था कि अतिक्रमण हटाने की बजाय नगर परिषद के अधिकारियों ने मौन स्वीकृति दे दी। यह देख डीएलबी निदेशक ने इस मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर अतिक्रमण हटाने के आदेश किए। इसी तरह वार्ड ३७ में सफाई व्यवस्था बेहतर होने पर तारीफ भी की। सुखाडि़या सर्किल से मीरा चौक बन रही सडक़ का कामकाज
भी देखा।


कुछ एक्शन भी होगा या नहीं
निरीक्षण के दौरान उपसभापति अजय दावड़ा और पार्षद अशोक मुंजराल, संजय बिश्नोई, प्रदीप चौधरी, संदीप शर्मा, पवन गौड़, माणा वालिया, रामगोपाल यादव, रॉकी बराड़, मनीराम स्वामी, सतपाल राव, कमला बिश्नोई, अशोक मेठिया, सलीम चोपदार, दयाराम कुलचानियां और हरविन्द्र सिंह पांडे आदि मौजूद थे। इस दौरान पार्षदों ने टीम अधिकारियों से सवाल किया कि कुछ एक्शन होगा भी या नहीं। अधिकारियों का कहना था कि सोमवार सुबह और दोपहर औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों की यह टीम नगर परिषद परिसर में पहुंची। वहां विभिन्न कामकाजों की पत्रावलियों को जांचा। रविवारीय अवकाश होने के कारण कई अधिकारियों और कार्मिकों को परिषद में बुलाया गया था।


पांच आरएएस अफसरों की देखरेख में होगा काम
साढ़े २७ करोड़ रुपए के कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। एक सप्ताह बाद वर्कऑर्डर होने की संभावना है। राज्य के संयुक्त शासन सचिव पीके गोयल, स्वायत्त शासन विभाग जयपुर के निदेशक पवन अरोड़ा, उपनिदेशक क्षेत्रीय बीकानेर ताज मोहम्मद राठोड़, जिला कलक्टर ज्ञानाराम, एडीएम सिटी गोपाल बिरड़ा, नगर विकास न्यास अध्यक्ष संजय महिपाल, नगर परिषद के उपसभापति अजय दावड़ा लक्की के अलावा परिषद के सचिव लाजपतराय बिश्नोई, आरयूआईडीपी के एक्सईएन दलीप गौड़, परिषद व न्यास दोनेां के एक्सईएन संदीप नागपाल, एईएन मंगतराय सेतिया, एईएन सुखपाल कौर की संयुक्त बैठक में शहर के पचास वार्डों की काया बदलने के लिए कई निर्णय किए गए।

इसमें पांच आरएएस अफसरों की एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी पचास वार्डो में हो रही सफाई व्यवस्था और सडक़ों के निर्माण कार्यो की नियमित मॉनिटरिंग करेंगी। प्रत्येक अफसर को दस-दस वार्डों का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। संयुक्त शासन सचिव गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री के गौरव यात्रा के दौरान जनता ने शहर की बिगड़ी व्यवस्थाओं का फीडबैक मिला था, इस वजह से सीएम के आदेश पर यह व्यवस्था की गई है।

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