संविदा कर्मियों को नियमितिकरण करने की रिपोर्ट सरकार को भेजी, निर्णय अब केबिनेट करेगा

Sent the report of regularization of contractual workers to the government, the decision will now be taken by the cabinet- प्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों के स्थायी करने का मामला.

By: surender ojha

Published: 29 Jul 2021, 11:06 AM IST

श्रीगंगानगर. प्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमितकरण करने के मामले में अब निर्णय राज्य की केबीनेट को करना है। संविदा कर्मियों को सरकारी विभागों में नियमितिकरण करने के संबंध में दो साल पहले ऊर्जा मंत्री डा.़बीडी कल्ला की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने रिपोर्ट बनाकर सरकार को दी है। जिले के प्रभारी मंत्री और ऊर्जा मंत्री कल्ला ने यहां कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

उनका कहना था कि इस रिपोर्ट में किन किन बातो पर फोकस किया गया है, वे बता नहीं सकते। इस रिपोर्ट के आधार पर केबिनेट को निर्णय करना होता है, इस कारण वे इस गोपनीय बातों को पहले खुलासा नहीं कर सकते।

कल्ला के अनुसार हालांकि इस संबंध में सरकार ने गंभीरता से प्रयास भी शुरू किए गए है। कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद प्रदेश में सात हजार नर्सिग कर्मियों की भर्ती के दौरान संविदा कर्मियों को प्राथमिकता दी है।

इसके अलावा भविष्य में होने वाली विभिन्न प्रतियोगिी परीक्षाओं में संविदा कर्मियों को बोनस अंक के माध्यम से प्राथमिकता देने का प्रयास रहेगा।
इस दौरानआरपीएससी की ओर से आयोजित आरएएस भर्ती परीक्षा 2018 में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा की पुत्रवधू और बेटे के साले व साली को इंटरव्यू में अधिकतमक अंक देने के मामले को जिला प्रभारी मंत्री कल्ला ने भाजपा का षडयंत्र बताया।

उन्होनंे पुरानी कहावत 'कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा और भानुमति ने कुनबा जोड़ाÓ कहकर यह पूरा प्रकरण भाजपा के माथे मढ़ दिया।

कल्ला का कहना था कि वे भी आरपीएससी के चार साल अध्यक्ष रह चुके है लेकिन इंटरव्यू इतना गोपनीय होता था कि महज बीस मिनट पहले पता लगता कि इंटरव्यू में कौनसा अफसर शामिल होगा। पारदर्शिता बरतने के बावजूद इस प्रकरण को जानबूझकर उछाला जा रहा है।

सिंचाई पानी की उपलब्धता के लिए पंजाब से संपर्क में किया जा रहा है। कल्ला ने दावा किया कि पंजाब से मिलने वाले राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी लेने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रमुख शासन ने पंजाब सरकार से वार्ता की है।

किसानों को सिंचाई पानी दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। वे भी नियमित रूप से फीडबैक ले रहे है। सूरतगढ़ रोड से सद्भावनानगर तक मुख्य रोड पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए उन्होंने जिला कलक्टर जाकिर हुसैन को अधिकृत किया। यूआईटी एरिया में आ रही विभिन्न जनसमस्याओं को हल कराने के लिए उन्होंने न्यास ट्रस्ट की बैठक में बजट का प्रावधान किए जाने की नसीहत दी।

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