पंजाब-हरियाणा में हो रही दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में वारदात

-जीरो नंबरी एफआईआर कर भेज रहा जीआरपी थाना

By: vikas meel

Published: 25 Apr 2018, 09:41 PM IST

श्रीगंगानगर.

दिल्ली से श्रीगंगानगर आने वाली ट्रेनों में पंजाब और हरियाणा इलाके में आए दिन यात्रियों से छीनाझपटी की वारदात हो रही है। इसके बावजूद रेलवे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं कर रहा। इस पर सांसद ने चिंता जताई है।

 

जीआरपी और आरपीएफ के पुलिस कर्मियों ने बताया कि दिल्ली से चलकर श्रीगंगानगर आने वाली ट्रेनों में दिल्ली से लेकर अबोहर तक कहीं भी आए दिन छोटी-बड़ी वारदात हो जाती है। इसके चलते यात्री जब सुबह श्रीगंगानगर पहुंचता है तो यहां जीआरपी में शिकायत करता है। इस मामले में कई यात्रियों की ओर से जीरो नंबर एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई जाती। जो एफआईआर दर्ज कराता है, उसकी जीरो नंबरी एफआईआर संबंधित थाने में भेज दी जाती है। यहां जनवरी से 25 अपे्रल तक छह जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज हुई है, जिनको वारदात से संबंधित थाने में भेज दिया जाता है।

 

ट्रेनों में अक्सर धुरी, जाखल, बठिंडा में बठिंडा या अबोहर तक ही वारदात होती है। वारदात करने वाले इससे आगे ट्रेन में नहीं आते। इसके अलावा हरियाणा इलाके में भी वारदात हो जाती है। कुछ माह पहले भी सिरसा के समीप ट्रेन में घुसे आठ-दस युवकों ने कई यात्रियों से मारपीट कर उनका सामान छीन लिया था जिनमें श्रीगंगानगर का भी एक परिवार था। सोमवार को भी धुरी स्टेशन पर एसी कोच में एक महिला का बैग छीन लिया गया था।

 

आधी रात को होती है वारदात

-पुलिस कर्मियों ने बताया कि ट्रेनों में आधी रात के बाद ही वारदात होती है। इस दौरान यात्री नींद में होता है। बदमाश इसी मौके का फायदा उठाते हैं तथा मोबाइल, बैग, पर्स आदि उठाकर या छीनकर चलती ट्रेन से कूद जाते हैं। स्टेशन से रवाना होते समय ट्रेन की गति कुछ धीमी होती है।

 

गार्डों की गैरमौजूदगी में होती है वारदात

-पुलिस कर्मियों ने बताया कि ट्रेनों में दिल्ली से हरियाणा, हरियाणा से जाखल, जाखल से बठिंडा तक गार्ड चलते हैं लेकिन बठिंडा के बाद श्रीगंगानगर ट्रेन बिना गार्ड के ही आती है। यहां आने के बाद श्रीगंगानगर से ट्रेन में गार्ड चलते हैं। पंजाब इलाके में बदमाश पता लगा लेते हैं कि जाखल से गार्ड नहीं चढ़ा है तो वे ट्रेन में चढ़कर वारदात कर जाते हैं।

 

श्रीगंगानगर इलाके में पुलिस चौकसी बरत रही है। यहां वारदात नहीं होती। ट्रेन से सुबह यात्री यहां उतरता है तो वारदात की शिकायत करता है। जिसकी जीरो नंबरी एफआईआर दर्ज कर आगे भेज दी जाती है।

-धन्ने सिंह राठौड़,थाना प्रभारी, जीआरपी श्रीगंगानगर


-पंजाब में धुरी, जाखल व बठिंडा से पहले ही ट्रेनों में वारदात हो जाती हैं। कई बार गार्ड नहीं आने के कारण भी बदमाश वारदात कर जाते हैं। गार्ड नहीं चढऩे का उनको पता चल जाता है।

बीरबल यादव, थाना प्रभारी आरपीएफ श्रीगंगानगर।

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