कोरोना संक्रमण से पीडि़त गंभीर रोगी,संसाधन कम,क्षमता 140 की,भर्ती 250 से ज्यादा,कैसे बच पाएंगी रोगियों की जान ?

जिला चिकित्सालय का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल----चिकित्सालय के डॉक्टर्स की मांग पर 100 बेड का जन सेवा अस्पताल में कोविड अस्पताल शुरू करने का किया निर्णय,जिला अस्पताल में रोगी कम होने पर रोगियों की मिलेगी राहत

By: Krishan chauhan

Published: 15 May 2021, 09:59 AM IST

जिला चिकित्सालय का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल---कोरोना संक्रमण से पीडि़त गंभीर रोगी,संसाधन कम,क्षमता 140 की,भर्ती 250 से ज्यादा,कैसे बच पाएंगी रोगियों की जान ?

-चिकित्सालय के डॉक्टर्स की मांग पर 100 बेड का जन सेवा अस्पताल में कोविड अस्पताल शुरू करने का किया निर्णय,जिला अस्पताल में रोगी कम होने पर रोगियों की मिलेगी राहत

श्रीगंगानगर.जिला चिकित्सालय का कोविड डेेडिकेटेड अस्पताल निर्धारित क्षमता 100 बेड की है। जबकि कोरोना संक्रमित व संदिग्ध रोगी 250 से ज्यादा भर्ती करने पर अस्पताल हांफने लगा है। संसाधन कम पडऩे लगे हैं और रोगी ज्यादा भर्ती है। इस स्थिति में कोरोना संक्रमित रोगियों की जान कैसे बच पाएंगी? यह बहुत बड़ा सवाल है। डॉक्टर्स,नर्सिंग स्टाफ व वार्ड बॉय सहित 35 से अधिक संक्रमित है। इस कारण रोगियों के हिसाब से पर्याप्त स्टाफ भी नहीं है। कोरोना संक्रमित रोगी-दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं और गंभीर रोगी भर्ती हो रहे हैं। कोविड डिडेकेटेड अस्पताल में ओवरलोढ़ हो चुका है। इस कारण गंभीर रोगियों की जान नहीं बचाई जा रही है और रोगियों की मौत हो रही है। जिला चिकित्सालय के डॉक्टर्स ने जिला कलक्टर जाकिर हुसैन से मिलकर कहा कि अब रोगियों को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाया जाए,इस स्थिति में डॉक्टर्स कैसे काम कर पाएंगे। जिला प्रशासन ने डॉक्टर्स से चर्चा कर 100 बेड का कोविड डेडिकेटेड अस्पताल एक और बनाने का निर्णय किया है।

शिष्टमंडल में यह डॉक्टर्स शामिल थे

जिला चिकित्सालय के डॉक्टर्स का एक शिष्टमंडल गुरुवार शाम को जिला कलक्टर जाकिर हुसैन,एडीएम प्रशासन भवानी सिंह पंवार व सीएचएचओ डॉ.गिरधारी लाल मेहरड़ा से मिला और जिला चिकित्सालय की स्थिति से अवगत करवाया। इस शिष्टमंडल में डिप्टी सीएमएचओ डॉ.मुकेश मेहता,डॉ.दीपक मौंगा,डॉ.पवन सैनी,डॉ.देवेंद्र ग्रोवर,डॉ.राजेंद्र गर्ग,डॉ.अनिल ख्यालिया,डॉ.राजेश शर्मा,डॉ.सुखपाल बराड़ सहित अन्य डॉक्टर्स शामिल थे।

हर चीज की कोई क्षमता होती है
डॉक्टर्स ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर बहुत ज्यादा खतरनाक है। कोविड डेडिकेटेड अस्पताल की क्षमता 100 बैड की थी,इसको बढ़ाकर 140 किया,फिर 175 किया,फिर 185 किया और अब 250 तक पहुंच गया हैं। डॉक्टर्स ने कहा कि हर चीज की कोई लिमिटेड तय होती है। यदि कोई लिमिटेड तय नहीं होगी तो ऐसी स्थिति में रोगियों की जान कैसे बचा पाएंगे। चिकित्सालय का ऑक्सीजन प्लांट हांफ रहा है और ऑक्सीजन सप्लाई समिति है,इंजेक्शन व अन्य दवा आदि की मांग ज्यादा है। इस स्थिति में कोविड डेडिकेटड अस्पताल में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पहले यहां पर रोगियों की संख्या कम कर रोगियों को बेहतर देखभाल कर इनकी जान बचाई जा सकती है।

एक रोगी के साथ दो-तीन परिजन
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जिला चिकित्सालय के कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में कोरोना संक्रमित व संदिग्ध 250 से अधिक रोगी भर्ती है। इस कारण हर मरीज के साथ दो से तीन परिजन है। दिन भर कोविड अस्पताल परिसर में लोगों का हुजूम लगा रहता है। सोशल डिस्टेसिंग रह नहीं पाती है और इस इस कारण एक व्यक्ति-दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आते ही कोरोना संक्रमण फैल रहा है। वहां पर यहां पर वाहनों की संख्या भी बहुत ज्यादा हो चुकी है।
रोगी ज्यादा संसाधन कम
कोविड अस्पताल में पंजाब व हनुमानढ़ सहित बाहर से दिन-प्रतिदिन कोरोना संक्रमित रोगी भर्ती हो रहे हैं। अधिकांश रोगी गंभीर है। इनकी ऑक्सीजन सेचुरेशन कम होती है। सांस में तकलीफ होती है। अस्पताल प्रशासन के पास क्षमता से अधिक रोगी भर्ती होने पर हर रोगी का प्राथमिकता से उपचार करने में संसाधन कम पडऩे लगे हैं। 250 रोगियों को डॉक्टर्स,नर्सिंग स्टाफ व वार्ड बॉय आदि पूरी तरह से संभाल तक नहीं पा रहे हैं। संसाधनों की कमी से रोगियों की पूरी तरह से देखभाल नहीं हो पा रही है। इस कारण रोगियों की मौतें हो रही है।

जिला अस्पताल के कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में रोगियों का बहुत ज्यादा दबाव है। इसको देखते हुए 100 बेड का एक कोविड अस्पताल और बनाया जा रहा है। इससे यहां पर कुछ राहत मिलेगी। इस पर सीएमएचओ व डॉक्टर्स से बातचीत हुई है। दो-तीन दिन में नर्सिंग स्टाफ भी अतिरिक्त मिल जाएंगा।

भवानी सिंह पंवार,एडीएम प्रशासन,श्रीगंगानगर।

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Krishan chauhan Reporting
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